स्वाइन फ्लू से मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गांव जंधेड़ा में स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर ग्रामीण की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को गांव पहुंची। मृतक के साथियों और परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें इस बीमारी से बचाव की दवाइयां दी गई। बीमारी को लेकर टीम ने गांव में संक्रामक रोगों से बचाव के लिए दवाइयों का छिड़काव भी कराया।
रामेश्वरम से यात्रा कर लौटे गांव जंधेड़ा निवासी 45 वर्षीय नेत्रपाल पुत्र पहल सिंह की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डा. विपिन सैनी के नेतृत्व में गांव पहुंची। जहां मृतक के परिजनों एवं यात्रा में उनके साथ रहे अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की गई। डा. विपिन सैनी ने ग्रामीणों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी होती है तो वह सीधे स्वास्थ्य केंद्र पर आकर अपना इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी स्वाइन फ्लू से ही मौत होने को गंभीरता से लिया है। टीम में शामिल चिकित्सक ने बताया कि स्वाइन फ्लू बीमारी को लेकर लोग बाहर से ही आते हैं। जिले में इस बीमारी का कोई रोगी नहीं है।
ये था मामला
गांव जंधेड़ा निवासी 45 वर्षीय नेत्रपाल पुत्र पहल सिंह गांव के ही अन्य लोगों विजय, रमेश, कर्णपाल, संजय, संतोष, सुरेश पाल, तरशपाल, नितिन, इकबाल, विनय आदि के साथ रामेश्वरम की यात्रा के लिए गए थे। परिजनों ने बताया कि यात्रा से लौटते समय यह प्लेन से चेन्नई तक आए थे। नेत्रपाल की घर आते ही तबियत बिगड़ गई और खून की उल्टियां, कफ, खांसी आने लगी। उसके परिजनों ने उन्हें सहारनपुर में एक निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने नेत्रपाल की हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया था। जहां जांच में उन्हें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
ये दी थी हिदायत
हायर सेंटर के चिकित्सकों ने मृतक के परिजनों को हिदायत दी थी कि शव के पास किसी को न जाने दे और गांव में भी शव लेकर न जाए। शव के साथ चार लोगों को मास्क लगाकर भेजा गया था उन्होंने सीधे शमशान ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।