देवबंद (सहारनपुर)। बिहार किशनगंज से कांग्रेस के सांसद व दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना असरारुलहक कासमी के इंतकाल से इस्लामिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गए। उलमा ने उनके इंतकाल को बड़ी क्षति बताया।
दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के वरिष्ठ सदस्य मौलाना असरारुलहक कासमी का बृहस्पतिवार की रात्रि बिहार में उनके आवास पर हृदय गति रुकने से इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर से इस्लामिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। मौलाना असरारुलहक कासमी दारुल उलूम से तालीम हासिल किए हुए हैं जिसके चलते उनका देवबंद से गहरा ताल्लुक रहा है। इस्लामिक हल्कों के साथ ही वह राजनीति में भी मजबूत पकड़ रखते थे। साफ सुथरी छवि रखने वाले मौलाना असरारुलहक कासमी करीब दो वर्ष पूर्व दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य बनाए गए थे। उनके इंतकाल पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली, दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मुफ्ती शरीफ खान, दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी, दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मुफ्ती अरशद फारुकी, मुफ्ती अहमद गौड़, अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी आदि ने गहरा दुख जताते हुए इसे अपूर्णीय क्षति बताया।
विभिन्न शोकसभा में इंतकाल पर दुख जताया गया
देवबंद। कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुलहक कासमी के इंतकाल पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित हुई शोकसभाओं में मौलाना के लिए दुआ-ए-मगफिरत की गई।
खानकाह में आयोजित कांग्रेस कमेटी की बैठक में कांग्रेसियों ने शोक व्यक्त करते हुए मौलाना के लिए दुआ-ए-मगफिरत की। नगर अध्यक्ष तंजीम सिद्दीकी व मीडिया प्रभारी रिहान अहमद कुरैशी ने उनके इंतकाल को बड़ा नुकसान बताया। इस मौके पर राहत खलील, सेठ कुलदीप, वरयान खां, शहजाद उस्मानी, सचिन कुमार, बिजेंद्र शर्मा, अनवार सिद्दीकी, अशरफ भारती, अजय त्यागी, फहीम उस्मानी, धनीराम आदि मौजूद रहे। जामिया तिब्बिया मेडिकल कालेज के ताहिर हाल में कुरआन ख्वानी का आयोजन किया गया। जिसमें मौलाना असरारुलहक को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी डा. अख्तर सईद, डा. सलीम अहमद, डा. फसीह सिद्दीकी, डा. अहतेशामुलहक, डा. शिबली इकबाल, डा. महफूज, डा. आजम उस्मानी, डा. शमीम आदि मौजूद रहे। सामाजिक व साहित्यिक संस्था नजर की शोकसभा में मौलाना असरारुलहक की सेवाओं को याद कर उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत की गई। इस मौके पर अध्यक्ष नजम उस्मानी, सुहैल सिद्दीकी, नबील उस्मानी, शाहनवाज, शहजाद आदि मौजूद रहे। इनके अलावा दारुल उलूम, दारुल उलूम वक्फ और मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी में मदरसा छात्रों ने कुरआन ख्वानी कर मौलाना को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए दुआ-ए-मगफिरत की।