सहारनपुर। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम के प्रशिक्षु क्रिकेट खिलाड़ियों को ईबीएम (इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन) की सुविधा मिलने जा रही है, जिसके साथ एस्ट्रो टर्फ क्रिकेट विकेट भी होगा। इस सुविधा वाला प्रदेश का पहला सरकारी स्टेडियम होगा। इस निर्णय पर नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों से लेकर कोच और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी भी उत्साहित हैं।
स्टेडियम में वर्तमान में करीब 200 खिलाड़ी क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्तमान में बैटिंग प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम के पास एक सीमेंटेड और दो टर्फ विकेट हैं। खिलाड़ियों की प्रैक्टिस समस्या को देखते हुए चार नए विकेट बनाए जा रहे हैं, जिनमें दो टर्फ और दो सीमेंटेड विकेट होंगे। दो सीमेंटेड विकेट डीएम आलोक कुमार पांडेय के प्रयास से बनवाए जा रहे हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए डीएम आलोक कुमार पांडेय ने स्टेडियम को इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन दिलाने का निर्णय भी लिया है। मशीन के लिए अलग से कृत्रिम विकेट बनाया जाएगा, जिसे एस्ट्रो टर्फ क्रिकेट विकेट का नाम दिया गया है। डीएम का मानना है कि बॉलिंग मशीन मिलने के बाद नवोदित क्रिकेटर अपनी मर्जी की गति और स्विंग के साथ बैटिंग प्रैक्टिस कर सकेंगे, जिससे निश्चित ही उनके खेल में निखार आएगा और खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफल होंगे।
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हर तरह की बॉल डाल सकती है मशीन
क्रिकेट कोच अब्दुल अहद ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन बेहद हल्की मशीन है, जिसे प्रैक्टिस के दौरान उठाकर विकेट पर लगाया जाएगा। प्रैक्टिस के बाद मशीन को वापस सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मशीन हर तरह की बॉल डाल सकती है। यानी यह 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति या उससे तेज और उससे कम गति या फिर उछाल वाली गेंद डाल सकती है। इसके अलावा आउट स्विंग और इन स्विंग तथा हर तरह की स्पिन गेंद भी डाली जा सकती है। एक तरह से बल्लेबाजों को हर तरह की बॉल पर प्रैक्टिस करने का मौका मिलेगा।
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करीब सवा दो लाख रुपये आएगा खर्च
इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन और उसके लिए तैयार किए जाने वाले विकेट पर करीब सवा दो लाख रुपये का खर्च आएगा। इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन की कीमत एक लाख 75 हजार रुपये बताई गई है। मशीन के साथ ही मैदान पर एस्ट्रो टर्फ क्रिकेट विकेट भी बनाया जाएगा, जिसकी चौड़ाई नौ फुट और लंबाई 40 फुट होगी। इस पर 35 से 40 हजार रुपये का खर्च आएगा। विकेट की तीनों साइड और ऊपर नेट लगा होगा।
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नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों की बैटिंग प्रैक्टिस के लिए डीएम ने अपने स्तर से स्टेडियम को इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन देने का निर्णय लिया है। डीएम के प्रयास से डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन वाला प्रदेश का पहला सरकारी स्टेडियम होगा। कोशिश यही है कि स्टेडियम को जल्द से जल्द यह सुविधा उपलब्ध हो। -- प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।
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नवोदित क्रिकेट खिलाड़ियों की बैटिंग प्रैक्टिस के लिए इलेक्ट्रॉनिक बॉलिंग मशीन खरीदने की सोची है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी को प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। कोशिश यही है कि स्टेडियम में हर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। जिससे खेल प्रतिभाओं में निखार लाया जा सके। -- आलोक कुमार पांडेय, डीएम।
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