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व्यवस्था नाकाम, शहर में हर समय लग रहा जाम

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सहारनपुर। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन रहा है। स्मार्ट सिटी में यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है। ऐसा कोई चौराहा नहीं, जहां ट्रैफिक जाम न रहता हो। अफसर इसे देखकर भी अनजान बने हैं। चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल तो लगा दिए गए, लेकिन संचालन नहीं किया गया। यातायात पुलिस और प्रशासन के पास इसमें सुधार का कोई ठोस प्लान तक नहीं है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन शहर के लोगों को जाम में फंसते हुए सिर्फ देखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है।
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नवंबर शुरू होते ही पुलिस का यातायात माह भी शुरू हो गया है, लेकिन पहले ही दिन पूरा शहर ट्रैफिक जाम से जूझता रहा। शहर में सड़कों और चौराहों को व्यवस्थित करने के लिए यातायात पुलिस के पास कोई इंतजाम नहीं है। प्रशासन के पास भी जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। यहां तक कि चार साल पहले शहर के यातायात को व्यवस्थित करने के लिए प्रमुख तिराहों एवं चौराहों पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें एक दिन भी यातायात को नही चला सकीं।
शहर में कलक्ट्रेट तिराहा, कचहरी तिराहा, अस्पताल चौराहा और घंटाघर के पांच रास्तों को संचालित करने के लिए नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने लगभग चार साल पूर्व ट्रैफिक सिग्नल लगवाए थे। इनके लगने के बाद लोगों को शहर के यातायात के व्यवस्थित होने की उम्मीद होने लगी थी। प्रयोग के तौर पर उन्हें शुरू भी कराया गया, लेकिन पहले प्रयोग में ही लाइटें दम तोड़ गईं। शुरू में लाइटें जलीं, लेकिन उनकी टाइमिंग गड़बड़ा गई, जिस कारण बंद करनी पड़ीं। फिर कई बार उन्हें शुरू करने का प्रयास किया गया, लेकिन चालू नहीं हो सकीं। मंडलायुक्त द्वारा कई बार बैठक में ट्रैफिक सिग्नल शुरू करने के निर्देश दिए गए, चेतावनी भी जारी की गईं, लेकिन शुरू कराने के बाद खुद ही लाइटों की टाइमिंग ठीक न होने के कारण यातायात पुलिस को बंद करनी पड़ीं।
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-- ट्रैफिक सिग्नल को तरीके से किया जाएगा संचालित
एसपी यातायात विनीत भटनागर का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल को नगर निगम एवं विकास प्राधिकरण द्वारा लगवाया गया था। लेकिन जिसको ठेका दिया गया था, वह सही प्रकार से संचालित नहीं करा पाया। यातायात पुलिस ने इसके लिए काफी प्रयास किए, लेकिन अब यातायात व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत अच्छी प्लानिंग की गई है। ट्रैफिक लाइटों को ठीक कराकर संचालित कराया जाएगा। फिलहाल चौराहों को यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा व्यवस्थित किया जा रहा है। हालांकि संसाधनों की भारी कमी है।
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- शीघ्र की जाएंगी संचालित
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह कहते हैं कि ट्रैफिक सिग्नल का मामला उलझा हुआ था। सिग्नल प्राधिकरण ने लगवाए थे, हैंडओवर नगर निगम को की गई और उनको यातायात पुलिस को संचालित कराना है। दो दिन पूर्व ही स्मार्ट सिटी की बैठक में ट्रैफिक सिग्नल को लेकर चर्चा हुई थी। एसपी यातायात ने अलग-अलग चौराहों पर अलग-अलग टाइमिंग बनाने के लिए कहा है। जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही इन्हें संचालित करा दिया जाएगा।
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- ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों की पीड़ा
कचहरी तिराहा पर लग रहे जाम में फंसे राजीव त्यागी कहते हैं कि कचहरी तिराहा ऐसा तिराहा है जहां सीधा कचहरी का गेट है। यहां कचहरी की भीड़ तो रहती ही है, दोपहर में हमेशा ही जाम लगता है। ट्रैफिक सिग्नल तो शोपीस बने हैं। अब तो लोग भूल भी चुके हैं कि यहां सिग्नल लगे भी हैं।
जाम में फंसे संजय राना कहते हैं कि सहारनपुर बेशक स्मार्ट सिटी बन जाए, लेकिन यहां जाम की समस्या खत्म करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। भारी वाहन शहर से गुजर रहे हैं। हर चौराहे पर जाम लग रहा है, ट्रैफिक सिग्नल जब चलाना ही नहीं था तो लगाई ही क्यों गईं।
अस्पताल चौराहे पर जाम खुलने के इंतजार में खड़े सैय्यद आबाद हुसैन कहते हैं कि जिधर से गुजरो जाम ही जाम है। यह सिर्फ चौराहों की अव्यवस्था के कारण है। यहां से ट्रैफिक तुरंत निकल जाए तो कहीं जाम न लग पाए। लेकिन प्रशासन चौराहों पर व्यवस्था बनाने में नाकाम है।
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