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प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर युवाओं को नहीं पता मुद्दा

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प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर युवाओं को नहीं पता मुद्दा
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सहारनपुर। सोमवार को जबरदस्त आंदोलन किस वजह से हुआ। आंदोलन का प्रमुख कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट में संशोधन करना रहा। मगर आंदोलन में मोदी और योगी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। आंदोलन में शामिल अनेक युवाओं से जब आंदोलन की वजह पूछी गई तो वह मोदी और योगी सरकार को कोसते नजर आए। उनका यही कहना था कि वह समाज हित की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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घंटा घर पर गले में नीला पटका डाले मिले अनिल कुमार से जब पूछा गया कि ऐसा क्या हुआ है कि इतना बड़ा आंदोलन कर रहे हो। अनिल का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी कानून को कमजोर किया है। एक्ट में क्या संशोधन किया है। इसके बारे में वह कुछ नहीं बता सके। अंत में उनका कहना था कि यह समाज की लड़ाई है और वह समाज के साथ हैं। उन्हीं के साथ हसनपुर निवासी संजय कर्णवाल का कहना था कि भाजपा सरकार दलित विरोधी है। जब से मोदी की सरकार बनी है देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। इसी लिए वह आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। शुभम और जतिन आंदोलन की कोई वजह नहीं बता सके। उनका कहना था कि यह समाज हित की लड़ाई है, जिसमें वह शामिल होने के लिए आए हैं। उधर, संगठनों के ज्यादातर पदाधिकारी जागरूक नजर आए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सीताराम सहगल, अखिल भारतीय खटीक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नाथीराम पठेड़िया, अनुसूचित जाति/जनजाति संयुक्त मोर्चा के राकेश गौतम, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के सोनी आजाद, भारतीय मूल निवासी सम्यक संघ के अध्यक्ष बादल सिंह बौद्ध ने एक्ट में हुए संशोधन के बारे में सही बात बताई, जबकि महानगर कांग्रेस कमेटी की एससी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरविंद पालीवाल केवल इतना बता सके कि एक्ट में संशोधन कर उसे कमजोर किया गया है। कैसे कमजोर किया गया है? इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी।
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