सहारनपुर। अनुसूचित जाति, जनजाति अधिवक्ता कल्याण समिति ने कहा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम को एक साजिश के तहत भाजपा सरकार कमजोर करने पर तुली है। भारतीय संविधान के साथ छेड़छाड़ की साजिश रची जा रही है। जिसे दलित समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
सोमवार को अधिवक्ता कल्याण समिति के पदाधिकारी एकत्रित होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट में संशोधन के फैसले से दलितों पर अत्याचार बढ़ेंगे। यूपी के सहारनपुर के अलावा अन्य राज्यों गुजरात, पूना कोरेगांव, हरियाणा, हिसार, तरनतारण, संगरूर गोहाना, दोनिना, गोगना में दलितों पर अत्याचार हुए। इन अत्याचारों के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब भारतीय संविधान के साथ कोई छेड़छाड़ की साजिश रची जा रही है। जिसे दलित समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस मामले में उन्होंने राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर पुन: विचार कर पूर्व की भांति बहाल करे। ताकि दलितों पर हो रहे अत्याचारों को रोका जा सके। इस मामले में उचित निर्णय नहीं लिया गया तो दलित समाज एससी, एसटी एक्ट की बहाली के लिए संघर्ष करेगा। उन्होंने एससी, एसटी एक्ट की बहाली कराए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में केपी सिंह, अमर सिंह, अतर सिंह, डीपी सिंह, रामपाल सिंह, ऋषिपाल, सुभाष चंद, प्रदीप कुमार, शेषपाल, अश्वनी कुमार, सेवाराम, अशोक सिंह, मानसिंह, मेघराज सिंह, सतेंद्र कुमार, रानेश कोहली, संजय कुमार, देवकांत बाबरा, धर्मपाल, तेजपाल सिंह शामिल रहे।