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परीक्षकों की कमी के चलते मूल्यांकन प्रभावित

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सहारनपुर। परीक्षकों की भारी कमी के चलते यूपी बोर्ड की साढ़े पांच लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समय से निपटा पाना चुनौती बन गया है। शहर के चारों केंद्रों पर 35 से 40 फीसदी परीक्षकों की कमी चल रही है। माना जा रहा है कि यह कमी वित्त विहीन शिक्षकों की वजह से है, जिन्होंने मूल्यांकन का बहिष्कार किया हुआ है।
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जिले में मूल्यांकन के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं, जिनपर दसवीं और 12वीं की पांच लाख 49 हजार कॉपियां मूल्यांकन के लिए पहुंची हैं। शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन के लिए 1710 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई है, मगर वित्त विहीन शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन का बहिष्कार करने के चलते मूल्यांकन गति नहीं पकड़ पा रहा है। चारों केंद्रों पर 35 से 40 फीसदी परीक्षक गैर हाजिर चल रहे हैं, जो विभागीय अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में मूल्यांकन को निर्धारित समय सीमा में निपटाने की चुनौती विभाग के सामने बनती जा रही है। उधर, वित्त विहीन शिक्षक हैं कि मूल्यांकन करने को तैयार नहीं हैं।
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डीआईओएस द्वितीय ने किया निरीक्षण
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय रवि दत्त मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने नेहरू मार्केट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण कर मूल्यांकन व्यवस्था का जायजा लिया। प्रधानाचार्य एमके काकरान और सीमा शेखर ने बताया कि केंद्र पर कुल एक लाख 33 हजार 986 उत्तर पुस्तिकाएं जांची जानी हैं, जिनमें से एक लाख पांच हजार 985 उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त हो चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान 18 उप प्रधान परीक्षकों के सापेक्ष 16 उपस्थित मिले। इसी प्रकार 190 सहायक परीक्षकों में से 113 ही मौजूद मिले, जबकि 77 गैर हाजिर मिले। डीआईओएस ने मूल्यांकन में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
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वित्त विहीन शिक्षकों का धरना जारी
मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले वित्त विहीन शिक्षकों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ ने एसएएम इंटर कॉलेज में धरना दिया। मंडलाध्यक्ष सुखपाल सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षक नेताओं को गिरफ्तार कराकर आंदोलन को दबाना चाहती है। मगर वित्तविहीन शिक्षक अब दबाव में आने वाले नहीं हैं। कृपाल सिंह राठौर ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक समान काम-समान वेतन की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार ने मांग न मानी तो 2019 के चुनाव में लाखों वित्त विहीन शिक्षक तख्ता पलटने का काम करेंगे। धरने में जसबीर सिंह, ब्रिजेश शर्मा, केहर सिंह, तरसेम, रणबीर सिंह, राजबीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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