खेड़ा अफगान (सहारनपुर)। कस्बे में स्थित गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह में सोमवार को सिखों के दसवे गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर निशान साहिब की सेवा हुआ और गुरुद्वारे में धार्मिक दीवान सजाया गया। अटूट लंगर का आयोजन भी हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ निशान साहिब की सेवा से हुआ। गुरुद्वारे में तीन दिन से चल रहे अखंड पाठ का भोग पड़ने के साथ समापन हो गया। इस मौके पर गुरुद्वारे के ज्ञानी चतर सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह सिखों के दसवे गुरु थे। उनकी कुर्बानी इतिहास में स्वर्ण पन्नों पर अंकित है। उन्होंने बताया कि गुरु गोविंद सिंह ने धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए अपने चारों बेटों की कुर्बानी दे दी। उन्होंने बताया कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना साहिब में हुआ था। इनके पिता का नाम गुरु तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था। इस मौके पर हरियाणा से आये साधू सिंह और रणजीत सिंह डडरिया पंजाब वाले डेरे से आए सुरेंद्र सिंह के जत्थे ने कीर्तन और गुरुप्रीत सिंह ने कथा की। ब्राइट फ्यूचर इंटरनेशनल एकेडमी हरियाणा के बच्चों ने अपनी मधुर आवाज में कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कार्यक्रम के दौरान जोगेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, बलदीप सिंह, अमरीक सिंह, साधू सिंह, गुरुप्रीत सिंह, देवेंद्र सिंह, जसविंद्र कौर, कुलदीप कौर, चिंत कौर, मनजीत कौर, राजकौर आदि रहे।