देवबंद (सहारनपुर)। सहारनपुर मजाहिर उलूम के सदर मुफ्ती मौलाना महमूद आलम मजाहिरी ने कहा कि तीन तलाक पर तीन साल की सजा वाले बिल को केंद्र सरकार ने जान बूझकर राज्यसभा में लटकाया है। केंद्र की नीति है कि वह वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इसको मुद्दा बनाकर अपना उल्लू सीधा करेगी।
बुधवार को खास मुलाकात में मौलाना मुफ्ती महमूद आलम मजाहिरी ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार ने जब भारी विरोध के बावजूद लोकसभा में तीन तलाक पर बिल को पारित कर दिया तो क्या वजह रही कि राज्यसभा में वे इसे पेश नहीं कर सके। इससे साफ है कि केंद्र सरकार इसे वर्ष 2019 तक लटकाए रखना चाहती है और लोकसभा चुनाव में इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर वोट बंटोरना उसका मकसद है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आरएसएस के इशारे पर मुस्लिम विरोधी कार्य कर रही है। मुसलमानों के धार्मिक मसलों में हस्तक्षेप कर उन्हें संविधान के तहत मिली धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित किए जाने का प्रयास कर रही है।
बीते दिनों उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा मदरसों पर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर मौलाना महमूद आलम ने कहा कि रिजवी अपनी जान बचाने के लिए मुसलमानों को मदरसों को टारगेट कर रहे हैं। क्योंकि, वसीम रिजवी के खिलाफ सीबीआई जांच होनी है उससे बचने के लिए वह इस प्रकार की बयानबाजी कर सरकार को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।