सहारनपुर। शहर को मेयर मिलने के बाद नगर निगम के अफसरों की कार्यप्रणाली में बदलाव नजर आने लगा है। नगरायुक्त ने निगम के खर्चे कम करने के लिए एमएनएलपी से सरकारी गाड़ी वापस ले ली है। अन्य ऐसे अधिकारियों से भी गाड़ियां वापस लेने की तैयारी है, जिनको गाड़ी रखने का अधिकार नहीं है या फिर गाड़ी की जरूरत नहीं है।
नगर निगम में अनेक अधिकारी ऐसे हैं, जिनको सरकारी गाड़ी रखने का अधिकार नहीं है। साथ ही उनके पास कोई ऐसा काम भी नहीं रहता, जिससे उनको गाड़ी की जरूरत पड़े। मगर इसके बावजूद कई अधिकारी सरकारी गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं। हर महीने हजारों रुपये का तेल फूंक कर नगर निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। नगरायुक्त गौरव वर्मा ने अब इस तरह की फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना शुरू कर दिया है। उन्होंने सबसे पहले एमएनएलपी यानी मुख्य नगर लेखा परीक्षक बालेंदु मिश्रा से सरकारी गाड़ी वापस ले ली है। माना जा रहा है कि इनके बाद अन्य अधिकारियों का नंबर है। उधर, नगरायुक्त गौरव वर्मा ने बताया कि पुराने समय से कुछ अधिकारी सरकारी गाड़ियां रखे हैं, जिनको वापस लिया जा रहा है। मंगलवार को एमएनएलपी से गाड़ी वापस ली गई है।