सहारनपुर। रविवार को मैदान के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में झमाझम बारिश से हथिनीकुंड बैराज लबालब हो गया। रविवार को लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर घंटे छोड़े गए पानी की मात्रा बढ़ती गई। शाम चार बजे 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे यमुना नदी में उफान आ गया। बैराज से पानी छोड़ने की सूचना और यमुना के बढ़े जलस्तर से तटीय गांवों में बसे लोगों में दहशत पैदा कर दी, क्योंकि पूर्व में यमुना का जलस्तर बाढ़ का कारण बन चुका है।
जनपद में चार दिन से हल्के बादल छाए थे, लेकिन बारिश नहीं थी। मौसम विभाग ने रविवार को बारिश होने का अनुमान जताया था और हुआ भी यही। रविवार की सुबह करीब चार बजे बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में रुक गई। इसके बाद सुबह 7:30 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई। म
हानगर की कई सड़कें नदियों सरीखी नजर आई, जिन पर भारी मात्रा में पानी बहता नजर आया। वार्ड आठ के गांव ज्ञानागढ़ में पुराना कलसिया रोड नदी की तरह नजर आया। गढ़ी मलूक और नूर बस्ती के बीच के मार्ग पर भी घुटनों से ऊपर तक पानी रहा। घंटाघर से श्रीराम चौक तक जलभराव हुआ।
नंदपुरी कॉलोनी, मानकमऊ, विल्सन का बाग, टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग की कॉलोनियों, हसनपुर, ओजपुरा, नवीन नगर, चंद्रनगर आदि में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हुई।
पांवधोई नदी धोबीघाट पर सड़क के बराबर बहती नजर आई। पीछे की कॉलोनियों में थोड़ा पानी बाहर आया। चूंकि पांवधोई ढमोला नदी की सहायक नदी है। ऐसे में ढमोला नदी के जलस्तर में भी वृद्धि रही। उधर, हथिनीकुंड बैराज से शाम चार बजे 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर बढ़ गया। पानी छोड़े जाने की सूचना और यमुना का जलस्तर बढ़ने से लोग दहशत में आ गए।
उधर, बारिश कारण तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही। जो न्यूनतम तापमान शनिवार को 27 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 25 डिग्री हो गया। जो अधिकतम तापमान शनिवार को 37 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 33 डिग्री पर आ गया। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
समयक्यूसेक पानी
11 बजे70,333
12 बजे91,985
एक बजे1,09,029
दो बजे1,04,323
तीन बजे-1,28,280
चार बजे-1,78,996
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गन्ने और धान को फायदा, सब्जियों को नुकसान
इन दिनों जनपद के बड़े क्षेत्रफल में गन्ना और धान की फसल खड़ी है, जिसको सिंचाई की जरूरत सबसे अधिक रहती है। ऐसे में इन दिनों की बारिश दोनों फसलाें के लिए बेहद लाभकारी है। किसान अरुण, राजपाल और हरपाल का कहना है कि बारिश दोनों फसलों के लिए खाद का काम करती है। साथ ही सब्जियों के लिए यह बारिश अच्छी नहीं है, क्योंकि सब्जियां खराब होती हैं। उन्होंने बताया कि इसी कारण सब्जियों के दाम भी इन दिनों बढ़ जाते हैं।