सहारनपुर। नगर निगम ने शहर के आर्थिक और शहरी विकास को गति देने के लिए अर्बन चैलेंज फंड के तहत 175 करोड़ रुपये की तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है। स्मार्ट सिटी के बाद अब तक की यह सबसे बड़ी परियोजना है, जिसमें रोजगार और विकास को रफ्तार मिलेगी।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और शहर को आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस (सुसज्जित) करना है। खास बात यह है कि सभी परियोजनाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएंगी। निगम अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन, पर्यटन संवर्धन और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। दावा है कि इससे सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में और अधिक विकसित होगा।
तैयार होंगे फ्लैट और दुकानें
प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे बड़ी रेजीडेंशियल एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स परियोजना है, जो मातागढ़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इस पर 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें आवासीय फ्लैट तैयार करने के साथ ही करीब 100 दुकानें, पार्किंग और कार्यालय तैयार किए जाएंगे। पूरा डिजाइन तैयार हो चुका है, केवल बजट मिलने का इंतजार है।
वुडक्राफ्ट को मिलेगा प्रमोशन
दूसरी प्रमुख परियोजना इंटीग्रेटेड वुड क्राफ्ट प्रमोशन एंड कमर्शियल हब है, जो खाताखेड़ी क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इस पर 65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना सहारनपुर की विश्व प्रसिद्ध लकड़ी नक्काशी उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ कारीगरों, व्यापारियों और निर्यातकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसमें दुकानें, कार्यालय, प्रदर्शनी क्षेत्र, कैफेटेरिया और पार्किंग आदि सुविधाएं रहेंगी। इससे एक जिला एक उत्पाद की परिकल्पना को भी बढ़ावा मिलेगा।
बनेगा सहारनपुर सिटी सेंटर
तीसरी परियोजना सहारनपुर सिटी सेंटर नाम से है, जो रेलवे स्टेशन के सामने अग्रसेन चौक के पास विकसित की जाएगी। इस पर 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सहारनपुर सिटी सेंटर में अल्पकालिक आवास, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, को-वर्किंग स्पेस और संगठित रिटेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्जन
अर्बन चैलेंज फंड स्मार्ट सिटी योजना से अगला कदम है। इसके तहत हमने करीब 175 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, जिनको शासन को भेजा जा रहा है। परियोजनाएं साकार होने पर निश्चित रूप से शहर और शहरवासियों के स्तर में सुधार आएगा।
- डॉ. अजय कुमार, महापौर