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जिला अस्पताल में नहीं मिले आग बुझाने के पर्याप्त साधन

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सहारनपुर। जिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने के संसाधनों की जांच की। अस्पताल में न तो आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन ही मिले और न ही पानी की व्यवस्था मिली। यहां तक कि जिस महिला अस्पताल को एनओसी जारी की गई थी, उसके उपकरणों की जांच की गई तो वहां भी उपकरण नहीं चल सके। पानी के पंप खराब मिले।
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अमर उजाला द्वारा जिला अस्पताल में भी एनओसी न होने की खबर प्रकाशित होने के बाद आग बुझाने के संसाधन होने के अधिकारियों के दावे की जांच करने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम जिला अस्पताल पहुंची। अग्निशमन अधिकारियों ने उपकरणों की जांच की तो संसाधन पर्याप्त नहीं पाए गए। ब्लड बैंक में फायर एक्सटिंग्यूशर कार्बनडाई ऑक्साइड की बजाय पाउडर का पाया गया, जिसे चलवाकर देखा गया तो एक झटके में ही बंद हो गया। कर्मचारियों को उपकरण चलाने के बारे में जानकारी ही नहीं थी। जिला अस्पताल में आग लगने की स्थिति में पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम जिला महिला अस्पताल पहुंची। वहां भी कोई व्यवस्था नहीं मिली। एनओसी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उपकरण खरीदने एवं व्यवस्था बनाने में लाखों रुपये लग जाएंगे। सरकारी विभाग में इतने रुपये कहां से मिलेंगे।
अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी प्राप्त 100 बेड के नए जिला महिला अस्पताल के उपकरणों की जांच की गई तो वहां पंप ही नहीं चल सके। एक पंप खराब मिली, जबकि दूसरे पंप का सेल खराब बताया गया। अचानक आग लगी तो यहां भी उपकरण काम नहीं कर सकेंगे। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने उपकरणों को ठीक कराने के लिए कहा।
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नहीं मिले पर्याप्त संसाधन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले हैं। अस्पताल में कार्बनडाई ऑक्साइड के फायर एक्सटिंग्यूशर नहीं मिले। पाउडर के अस्पताल के अंदर नहीं होने चाहिए, बाहर के लिए ठीक हैं। महिला अस्पताल में पंप ही नहीं चल सके। पानी की व्यवस्था नहीं मिली।
एनओसी के लिए प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं : डाक्टर अनीता जोशी
महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर अनीता जोशी का कहना है कि अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के लिए जिन मानकों को पूरा करना पड़ेगा उसके लिए काफी बजट की आवश्यकता है। इतना बजट शासन से जारी हो पाना मुश्किल है। एनओसी के लिए अग्निशमन विभाग की प्रक्रिया पूरी कर पाना संभव नहीं है। फिर भी अधिक से अधिक सुरक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।
शासन में लंबित है एनओसी प्रक्रिया
अग्नि सुरक्षा के बारे में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर सुनीत कुमार वार्ष्णेय ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ आग से सुरक्षा के बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एनओसी के लिए टेंडर अपर परियोजना निदेशक इंदिरा नगर लखनऊ द्वारा किया जा रहा है। एनओसी प्राप्त होने तक जिला चिकित्सालय में स्थित ओवरहेड टैंक से पानी के पाइप सभी वार्डों में भेजे जाएंगे। जिससे किसी अप्रिय घटना होने से बचा जा सके। इस दौरान डाक्टर एके चौधरी, सुधीर कुमार, विक्रांत तिवारी भी मौजूद रहे।
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