अपहरण, हत्या एवं शव को गायब करने के मामले में दो लोगों को उम्रकैद
देवबंद (सहारनपुर)। पांच वर्ष पूर्व जड़ोदाजट गांव में युवक की अपहरण के बाद हत्या कर शव को गायब करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 5 फरवरी 2013 को जड़ोदाजट निवासी रामपाल ने अपने पुत्र मिंटू की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। इसी मामले में 24 फरवरी को पुन: दूसरा मुकदमा दर्ज कराया कि आरोपी भूरा पुत्र विकास निवासी जड़ोदाजट तथा धर्मेंद्र पुत्र शीशपाल निवासी शेखपुरा (जड़ोदाजट) ने उसके पुत्र मिंटू का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। आरोप लगाया था कि आरोपियों ने शव को गायब कर दिया है। पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मिंटू का शव बरामद किया था। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 364, 302 व 201 आईपीसी में मामला दर्ज किया था। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत में चल रहा था। अदालत ने बृहस्पतिवार को अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।