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शाकंभरी मिल चलवाने को भूख हड़ताल कर रहे किसान की हालत बिगड़ी

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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। शाकंभरी शुगर मिल को चलाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने और क्रमिक अनशन में तीन दिन से अनशन किए हुए किसान लालसिंह की तबीयत बिगड़ गई। साथी किसानों ने काफी कोशिशों के बाद उसे कुछ खिलाया तथा उसके बाद निजी चिकित्सक के उपचार करा कर आराम के लिए भेज दिया।
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बता दें कि बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर गेट पर किसानों का तीन दिन से धरना चल रहा है। धरने पर क्रमिक अनशन पर रोजाना दस किसान बैठ रहे है। इनमें चकखीदरपुर निवासी लाल सिंह लगातार तीन दिन से भूख हड़ताल पर था। सोमवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई जिसमें साथी किसानों ने लाल सिंह को जलपान कराने के बाद एक प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराया और इसके बाद उसे घर भेज दिया। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मिल की क्षमता से भी अधिक गन्ने की पैदावार है। ऐसे में जब तक मिल नहीं चलती, वे यहां से उठने वाले नहीं हैं। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मात्र एक औद्योगिक इकाई है, जिसके बंद होने से क्षेत्र का विकास ठप हो गया है।
भूख हड़ताल पर बैठे अधिकतर बुजुर्ग किसानों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि तीन दिन से वे धरने पर बैठे हैं और कोई भी राजनीतिक व्यक्ति या प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि मिल नहीं चली तो क्षेत्र के प्रभावित 356 गांवों के मतदाता लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। धरने पर बैठने वालों में चौ. सितम सिंह, प्रधान प्रीतम सिंह, सतपाल राठी, अनिल, रामनाथ धीमान, चमेल सिंह, सोनू, इस्लाम, राजसिंह सैनी, सुभाष चंद, गिरीराज, मुनशाद, चौ. अफजाल, मोहित काम्बोज, नवाब, जीशान, चौ. हाशिम, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन ताहिर हसन आदि सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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उधर, एसडीएम बेहट एसएन शर्मा ने बताया कि डीएम के स्तर से शासन में मिल चलवाने को वार्ता चल रही है। जल्द ही कोई निर्णय निकल जाएगा। वे किसानों के धरने पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
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