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ढमोला नदी में उफान से मचा हड़कंप, सुरक्षित स्थानों पर भागे लोग

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सहारनपुर। शहर के साथ ही पहाड़ों में हुई कई घंटे की झमाझम बारिश से ढमोला नदी उफान पर आ गई। नदी किनारे बसे लोगों का सामान नदी में बह गया। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। कई लोग अपने घरों का सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले गए। शाम तक लोगों में दहशत बनी रही।
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रविवार मध्य रात्रि झमाझम बारिश हुई। सुबह के समय बारिश हल्की जरूर हुई मगर बंद नहीं हुई। दोपहर करीब 12 बजे तक हल्की बारिश होती रही। इस बीच शहर के बीच से होकर गुजर रही ढमोला नदी में अचानक से जल का स्तर बढ़ना शुरू हो गया। नदी का बढ़ा जल स्तर पीछे से लोगों का सामान और कचरा बहाकर लाता देख नदी किनारे बसे लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने अपना सामान तेजी के साथ समेटना शुरू कर दिया। जिन लोगों के मकान पूरी तरह ढमोला नदी के गहराई में बने हैं। उन्होंने भी सामान को छतों पर रखना शुरू कर दिया। इन सबके बावजूद मोज्जमपुरा के कई लोगों के बर्तन और अन्य सामान नदी में बह गया। सामान को निकालने के लिए कई लोग पानी में ही उतर गए, मगर सामान नहीं बचा सके। इसके बाद कूड़ा बीनने वाले कई बच्चे नदी के बीच जाकर सामान निकालते नजर आए। अपराह्न तीन बजे तक नदी में करीब दस फुट पानी बढ़ गया था। देर शाम तक लोगों में दहशत बनी हुई थी।
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ढमोला नदी ने 2013 में मचाई थी तबाही
वर्ष 2013 में जनपद में जमकर बारिश हुई थी। नतीजा यह रहा था कि हथिनीकुंड बैराज पर पानी अधिक होने की वजह से रात में अचानक पानी छोड़ दिया गया था। इसकी वजह से ढमोला नदी उफान पर आ गई थी, जिसने खूब तबाही मचाई थी। किनारे पर बसे लोगों के घरों में आठ से दस फुट तक पानी चढ़ गया था। कई मकान पानी में बह गए थे, जबकि कई लोगों को अपनी जान भी गवानी पड़ी थी। वर्ष 2013 की घटनाओं का खौफ आज भी लोगों के मन में है। यही वजह है कि जब भी नदी में पानी का स्तर बढ़ता है तो लोग दहशत में आ जाते हैं।
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बारिश में भरभराकर मकान गिरा
रविवार की रात हुई झमाझम बारिश से वार्ड नंबर 49 के मोहल्ला हिन्दुस्तानियान में नौशाबा पत्नी उमरदीन के मकान की कच्ची छत भर भराकर गिर गई। गनीमत रही कि मकान के पूरी तरह गिरने से पहले परिवार बाहर निकल गया। बच्चों को बारिश से बचाने के लिए नौशाबा को तिरपाल डालनी पड़ी है। नौशाबा ने बताया कि बेहद गरीब लोग हैं। उसने प्रशासन से मकान बनवाकर देने की मांग की है।
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झमाझम बारिश से जलमग्न हुआ शहर
झमाझम बारिश से एक ओर जहां मौसम सुहावना हो गया, वहीं शहर की अनेक कॉलोनियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। ओजपुरा, नवीनगर, अहमद बाग, चंद्रनगर, गढ़ी मलूक, नूरबस्ती, रायवाला, रानी बाजार, आईटीसी रोड, हसनपुर समेत अनेक जगहों पर भारी जलभराव रहा। इतना ही नहीं, पुलिस लाइन और कलक्ट्रेट में भी जलभराव के कारण कर्मचारियों को परेशानी हुई। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 24 और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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किसानों के चेहरे खिले
इस समय ज्यादातर किसानों ने गन्ना और धान की फसल उगाई हुई है, जिसके लिए पानी बेहद जरूरी है। रविवार की रात और सोमवार को हुई भारी बारिश से खेत पानी से लबालब रहे, जिसे लेकर किसानों के चेहरों पर खुशी है। किसान जयपाल सिंह ने बताया कि बारिश का पानी धान की फसल के लिए केवल सिंचाई का काम नहीं करता, बल्कि खाद का भी काम करता है, जिसमें पौधा तेजी से ग्रोथ करता है।
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