देवबंद से पकड़े बांग्लादेशियों के इनपुट पर गिरफ्तार हुए नोएडा के आतंकी
सहारनपुर। आतंकी गतिविधियों से देवबंद के तार जुड़े रहे हैं। एक बार फिर इसका खुलासा हो गया है। एटीएस द्वारा नोएडा में पकडे़ गए तीन आतंकियों से पूछताछ के बाद इसकी पुष्टि हुई है। एटीएस ने नोएडा से आतंकियों की गिरफ्तारी पिछले डेढ़ साल में देवबंद में पकड़े गए तीन संदिग्धों से हुई पूछताछ के आधार पर की है।
मंगलवार को नोएडा से एटीएस ने बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन, बांग्लादेश के दो सदस्यों को नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान रूबेल अहमद व मुशर्रफ हुसैन के रूप में हुई है। एटीएस को इन आतंकियों के बारे में जानकारी देवबंद से पिछले साल पकड़े गए तीन बांग्लादेशी से पूछताछ में मिली थी।
बताया जा रहा है कि पिछले साल देवबंद से तीन बांग्लादेशी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। जिनसे अन्य जिलों में इस संगठन से जुड़े आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस से मिले इनपुट पर यूपी एटीएस सक्रिय हुई और नोएडा से दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
देवबंद आतंकी गतिविधियों के चलते चर्चा में रहा है। पिछले वर्ष छह अगस्त को एटीएस ने चरथावल के ग्राम कुटेसरा की मस्जिद से बांग्लादेशी आतंकी संगठन से जुड़े अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार किया था। जो देवबंद में काफी दिनों से रह रहा था। जबकि फैजान अहमद आज तक फरार चल रहा है। मुरादनगर में रह रहे बांग्लादेशी ने भी देवबंद से पासपोर्ट बनवा लिया था।
एटीएस ने जनवरी में देवबंद निवासी अहसान और वसीम को गिरफ्तार भी किया था। अक्तूबर में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से बांग्लादेशी रजाउल रहमान को पकड़ा था, जो देवबंद में काफी समय से रह रहा था। उसके बाद लखनऊ के चारबाग स्टेशन से एटीएस ने इमरान, रजीमुद्दीन, मो. फिरदौस को पकड़ा, जो देवबंद के ग्राम भनैड़ा में काफी दिनों से रह रहे थे। इससे पूर्व 2016 में एटीएस ने जैस ए मोहम्मद के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था।
हाल में ही पुलिस ने देवबंद से म्यामांर निवासी जुनैद को गिरफ्तार किया। जिसमें फर्जी पासपोर्ट बनवाने के प्रयास में गिरफ्तार किया था। जबकि दिल्ली से सहारनपुर आ रहे एक बांग्लादेशी युवक को छह जून को गिरफ्तार किया गया। यह 11 साल से देवबंद में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसी पते पर उसने पासपोर्ट बनवा लिया।