सहारनपुर। डीजीपी के निर्देश के बाद आरटीओ और यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ बृहस्पतिवार से अभियान छेड़ दिया है। यातायात पुलिस ने तीन वाहनों को सीज करने के साथ 127 वाहनों का चालान किया। आरटीओ कार्यालय ने 23 स्कूल बसों के खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कुशीनगर हादसे को संज्ञान लेकर 15 दिन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को स्कूली वाहनों के खिलाफ जोर शोर से अभियान चलाया गया। खटारा एवं मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों पर एक के बाद एक कर कार्रवाई की गई। वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक स्कूली बच्चे ले जाते हुए पकड़े गए। यातायात पुलिस ने तीन स्कूली वाहनों को सीज कर दिया। 127 का चालान किया तथा 33600 रुपये का जुर्माना वसूल किया। यातायात प्रभारी तेजप्रताप सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले स्कूल वाहनों व बिना ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल वाहन चलाने वाले व स्कूल वाहन के मानक पूरे न करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय द्वारा अभियान चलाया गया। जिसमें जिले भर में अब तक 23 बसों को मानक पूरे न होने पर बंद किया गया। इन बसों की स्थिति मानकों के प्रतिकूल पाई गई। बच्चों को लाने-ले जाने में सुरक्षित नहीं पाए गए। इनमें तीन प्राइवेट वैन, टाटा सूमो, दो रिक्शे एथेनिया प्रेप स्कूल घंटाघर के बच्चों को ले जाते हुए पकड़े गए। केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स सौरान अंबाला रोड की विंगर गाड़ी, पाइनवुड स्कूल दिल्ली रोड की स्कूल वैन, एसडीवी कान्वेंट मिशन कंपाउंड की वैन, प्राईवेट वैन ब्राउनवुड स्कूल की, अल्पाइन पब्लिक स्कूल में लगी माल वाहन बस एवं स्कूल बस, लार्ड महावीर स्कूल की स्कूल बस, डीएवी पब्लिक स्कूल आवास विकास की बस, प्रज्ञान स्थली उनाली की स्कूल बस, ज्ञान मंदिर आशा मॉडल स्कूल की बस, एजीएम स्कूल की बस, बजाज इंटरनेशनल स्कूल की प्राइवेट स्कूल वैन, यूपी ग्रुप ऑफ एजूकेशन छुटमलपुर की स्कूल बस, विक्टर सोम पंत नगर ही टाटा मैजिक स्कूल वैन, एमआरएस मेमोरियल गंगोह रोड की टाटा मैजिक स्कूल वैन, पूरनमल श्यामलाल डिग्री कॉलेज की प्राइवेट टवेरा स्कूल वैन, केएलजी पब्लिक स्कूल की स्कूल बस एवं टाटा मैजिक स्कूल वैन को गलत तरीके से स्कूली बच्चों को ले जाते हुए पकड़ा गया। संभागीय प्रवर्तन अधिकारी लक्ष्मीकांत मिश्र ने बताया कि सभी वाहन पूरी तरह से उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत एवं बच्चों के लिए खतरनाक हैं। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी को आख्या प्रेषित की गई है।