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पांवधोई नदी बचाओ अभियान

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सहारनपुर। शहर के बीच से होकर गुजरने की वजह से पांवधोई नदी पर कब्जाधारियों की टेढ़ी नजर है। आलम यह है कि पुल दालमंडी से राकेश टाकिज तक नदी में पिलर खड़े कर दुकानें और अन्य प्रकार के भवन बना दिए गए हैं। इतना ही नहीं धोबी घाट से पीछे भी कॉलोनी के लोगों ने भी नदी के तट पर दीवारें बनाकर भारी अतिक्रमण किया हुआ है। सब कुछ पता होने के बावजूद प्रशासन और नगर निगम मौन हैं।
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पांवधोई नदी का उद्गम स्थल गांव शंकलापुरी स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास से हो रहा है। म्यूनिसिपल कॉलोनी, शिवधाम और धोबी घाट होते हुए नदी राकेश टाकिज के पास ढमोला नदी में मिलती है। नदी पर कब्जों की बात करें तो शिवधाम से धोबी घाट तक नदी के तट पर भारी अतिक्रमण है। लोगों ने नदी की जमीन पर दीवारें खड़ी कर अपने आवासों में मिला ली है। पुल खुमरान के पास भी पुराने समय से नदी के तट पर कब्जा है। दाल मंडी पुल के पास भी नदी के तट पर दुकानें बनाई गई हैं, जिसकी वजह से सड़क संकरी हो रही है और दिन भर जाम रहता है। दालमंडी पुल से जामा मस्जिद के सामने तक नदी के एक तट पर वर्षों से फड़े लगाए जा रहे हैं। फड़ स्वामियों ने नदी के भीतर पिलर खड़े कर दुकानें तक तैयार कर ली हैं। इसके बाद पुल खुमरान से राकेश टाकिज तक नदी के एक तट पर पक्का अतिक्रमण है। नदी के भीतर पिलर खड़े कर लिंटर डाला गया है। जिसका इस्तेमाल कॉमर्शियल और अन्य तरह से किया जा रहा है।
नदी में कब्जों पर डीएम ने जताई थी नाराजगी
डीएम पीके पांडेय ने करीब दो महीने पहले बोमंजी रोड का दौरा किया था। इस दौरान वह पांवधोई नदी में पिलर खड़े कर बनाई गई दुकानों को देखकर काफी नाराज हुए थे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा था। साथ ही दुकानदारों से भी बात की थी। दुकानदारों ने अपना पक्ष उनके समक्ष रखा था।
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दुकानदारों के पास हैं बैनामे
पांवधोई नदी में कब्जा कर बनाई गई दुकानें अवैध हैं या वैध? यह जांच का विषय है, मगर दुकानदारों के पास बाकायदा बैनामा है। डीएम की सख्ती के बाद अनेक दुकानदारों ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलकर अपने बैनामा की फाइलें प्रस्तुत की थीं। नगर निगम के अधिकारी बैनामे को लेकर लगातार अनभिज्ञता जताते रहे हैं। सवाल यह है कि नदी में बनी दुकानों का बैनामा किया तो किसने किया है?

पांवधोई नदी पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। पांवधोई की सफाई से पहले प्रशासन नदी पर हुए अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटाएगा। यदि किसी के पास बैनामे हैं तो उनकी भी जांच कराई जाएगी। अतिक्रमण हटाने की पूरी प्लानिंग कर ली गई है।
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- पीके पांडेय, डीएम।
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