सहारनपुर। सरकार की आवासीय योजनाएं जनपद में धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। आवास विकास ने इस दिशा में कुछ काम किया है मगर बुनियादी सुविधाएं न मिलने की वजह से कॉलोनियों में लोग शिफ्ट होने से बच रहे हैं। विकास प्राधिकरण की बात करें तो बीस बरस में एक कॉलोनी तो दूर की बात एक मकान तक किसी को मुहैया नहीं कराया गया है।
विकास प्राधिकरण 20 साल से है। मगर वह आज तक एक भी आवासीय कॉलोनी शहर को नहीं दे सका है। इतना ही नहीं, अपनी शेष जिम्मेदारियों का निर्वहन भी प्राधिकरण ठीक से नहीं कर पा रहा है। लोगों को केवल नोटिस भेजने और कुछ अवैध कॉलोनियों और भवनों को सील करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई ही करता रहा है। हालांकि पिछले दिनों आईटीसी के पास साहब जी नगर में प्राधिकरण को आवास के लिए जमीन मिली थी, जिस पर प्राधिकरण मल्टीस्टोरी आवास बनाने की बात कही थी। मगर इस भूमि में भी आवंटन का पेंच आ गया है। जिसकी वजह से प्राधिकरण की योजना फिलहाल खटाई में पड़ती नजर आ रही है। इसी प्रकार टीपी नगर क्षेत्र में भी प्राधिकरण आवासीय कॉलोनी तैयार करने की बात पिछले एक साल से कहता आ रहा है। जिसके तहत 12 लाख रुपये में फ्लैट उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं। मगर टीपी नगर क्षेत्र में भी योजना पर अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। आवास विकास ने दिल्ली रोड पर कॉलोनी काटी है, मगर उसमें आज तक बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं करा सका है। इसकी वजह से कॉलोनी में बने आवास खंडहर बनते जा रहे हैं। लोग कॉलोनी में जाकर बसने से कतरा रहे हैं।
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छह महीने में जमीन तक फाइनल नहीं हो सकी
करीब छह महीने पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए सहारनपुर के हिस्से में 550 मकान आए हैं। योजना पर काम करने का जिम्मा विकास प्राधिकरण और आवास विकास का है। मगर दोनों विभाग आज तक आवास के लिए जगह फाइनल नहीं कर सके हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जनपद में ऐसी कोई सरकारी जमीन नहीं मिल रही है, जिसपर आवास तैयार किए जा सकें। ऐसे में जमीन खरीदने की तैयारी चल रही है। यानी पिछले छह महीने में प्राधिकरण और आवास विकास के अधिकारी जमीन भी फाइनल नहीं कर सके हैं।
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शासन से पैसा रिलीज न होने से लटकी योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ही डूडा ने जनपद के 4400 पात्रों की सूची शासन को भेजी हुई है। सूची भेजे एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। मगर शासन से अभी तक पैसा रिलीज नहीं हुआ है। ऐसे में पात्र विभाग के चक्कर काट रहे हैं। योजना के तहत पात्रों को 50 हजार रुपये से ढाई लाख रुपये तक दिया जाता है।
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हम शहर में दो से तीन जगहों पर आवासीय कॉलोनी बनाने की तैयारी में हैं। करीब दो साल तक खनन बंद रहने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी फ्लैट तैयार किए जाने हैं, जिसके लिए जमीन देख ली गई है। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द काम शुरू कराकर योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाए।
मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।
जगदीप कुमार--------------