युवराज पुष्पदंत का राज्याभिषेक और विवाहोत्सव मनाया
नानौता। नगर स्थित निर्मलायतन भवन में चल रहे पंचकल्याणक के चौथे दिन पूजा, हवन, बाल क्रीड़ा एवं महाराज श्री के प्रवचनों के बाद युवराज पुष्पदंत का राज्याभिषेक एवं विवाहोत्सव मनाया गया। जिसके बाद महाराज पुष्पदंत को वैराग्य हुआ और वे वन की ओर तप पर निकल गए।
नगर के सहारनपुर रोड स्थित श्री दिगंबर जैन गुरु तीर्थ भवन निर्मलायतन में जैनाचार्य 108 श्री नयन सागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहे सप्त दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार की सुबह मल्लीनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक धूमधाम के साथ मनाया गया। इसमें अरुणा जैन (बोबी हौजरी) द्वारा 19 किलों का लड्डू चढ़ाया गया। प्रतिदिन की भांति सुबह जाप्य अनुष्ठान के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसके बाद जिनाभिषेक, शांतिधारा एवं जन्मकल्याणक पूजा हवन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जैनाचार्य 108 श्री नयन सागर जी महाराज ने प्रवचन दिए। जिसके बाद नव निर्मित कलश मंदिर एवं वेदी की शुद्धि एवं 81 कलशों द्वारा वास्तु पूजा की गयी। तत्पश्चात महाराज सुग्रीव का दरबार सजाया गया एवं युवराज पुष्पदंत का राज्याभिषेक किया गया। जिस पर उन्हें राजाओं द्वारा भेंट दी गयी। इस अवसर पर भगवान पुष्पदंत की जय जयकारों से सारा पांडाल गूज उठा। इसके बाद महाराज पुष्पदंत को वैराग्य हुआ और वे वन की ओर तप करने के लिए निकल पड़े। इस दृश्य को देखकर सभी दर्शक भावुक हो उठे। इस दौरान सहारनपुर जैन समाज अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने कहा कि 108 श्री नयन सागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहे भगवान पुष्पदंत जी के इस पंचमल्याणक से तथा महाराज उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी के आशीर्वाद से सवा करोड से अधिक मंत्रों व विधि विधान से किए गए अनुष्ठान के कारण 100 किलो मीटर तक का क्षेत्र पुण्यशाली हो गया है। धार्मिक कार्यक्रम में पहुंच कर राज्य मंत्री धर्म सिंह सैनी ने उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। राजेश जैन (अध्यक्ष जैन समाज सहारनपुर) सुभाष चन्द जैन, अरूण कुमार जैन, सुशील कुमार जैन, अनिल कुमार जैन, जिनेन्द्र जैन, मनोज जैन,रोबिन जैन, संदीप जैन, नीरज जैन, अंकुर जैन, विशाल जैन, राकेश जैन, पंकज कुमार जैन, सजल जैन, मुकेश जैन, रेखा जैन, स्नेह जैन, रितू जैन, नेहा जैन, सीमा जैन, आशीष जैन, पुष्पा जैन, अवनी सजल जैन, प्रियंका जैन, शिवांगी जैन, उदित जैन, हिमांशु जैन सहित काफी संख्या में श्रृद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया।