सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा है कि सड़कों पर गड्ढा रहते यदि किसी आमजन की मृत्यु होती है तो संबधित विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध हत्या के आरोप में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गड्ढा मुक्त अभियान पर फर्जी आंकड़ेबाजी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। खनन की आपूर्ति के नाम अधिकारी गुमराह करने से बाज आएं और अभियान चला कर जनपद की सड़कों को गड्ढा मुक्त करें।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सड़कों के निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ गड्ढा मुक्त कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मुहर्रम व दशहरे के त्योहार से पूर्व प्रत्येक सड़क को अभियान चलाकर गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और बार-बार निर्देश दिये जाने के बावजूद भी अधिकारी बहानेबाजी करने से बाज आएं। उन्होंने कहा कि विशेष रुप से उन मार्गों की जहां पर रामलीला की टोल अथवा मुहर्रम का जलूस निकलता हैै, उन मार्गों को एक दिन में गड्ढामुक्त हो जाना चाहिए। सड़कों के गड्ढा मुक्त अथवा निर्माण के लिए जो बजरी, बालू आएगा वो ठेकेदार के माध्यम से नहीं आएगा, निर्माण विभाग के किसी अधिकारी को भेजकर बजरी मंगवायें। अगर ठेकेदार द्वारा बजरी बाहर से आती है तो उसका भुगतान अधिकारी स्वयं करेंगे। जिलाधिकारी ने आदेश दिए कि जो बेहट कस्बे की तरफ पुलिया है वहां पर अभी तक गड्ढे नहीं भरे गए, दो दिन के अंदर गड्ढे भर जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक दुर्घटनाएं गड्ढों के कारण हो रही हैं। जिन सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं किया गया और उस सड़क पर गड्ढों के कारण दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की सड़कों में गड्ढे वो उन्हें तत्काल चिन्हित कर यथा शीघ्र गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दें। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके त्यागी को नोडल अधिकारी बनाया। उन्होंने केके त्यागी को निर्देश दिए कि वे तत्काल मुहर्रम/दशहरा तक जनपद की सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जानी चाहिए। बैठक में नगर आयुक्त गौरव वर्मा, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मंडी समिति तथा गन्ना विभाग आदि के अधिकारी मौजूद रहे।