सहारनपुर। गन्ना विभाग ने वसंतकालीन गन्ना बुआई कराने पर फोकस कर दिया है। इसके लिए जनपद को 1397 हेक्टेयर गन्ना बुआई का लक्ष्य दिया गया है। वसंतकालीन गन्ने की ट्रैंच विधि से बुवाई कराने और शत प्रतिशत में सहफसली कराने पर भी विभाग का जोर रहेगा।
जनपद में शुगर रिकवरी में पिछले दो सीजन में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे गन्ने की असौजी और वसंतकालीन खेती के साथ ही अगेती प्रजातियों की बुआई बड़ा कारण माना जाता है। इसके चलते गन्ना विभाग का लक्ष्य जिले में 1397 हेक्टेयर में वसंतकालीन गन्ना बुआई कराने का है। इसके साथ ही वसंतकालीन गन्ने में सहफसली कराने और बुआई ट्रैंच विधि से कराने पर जोर रहेगा। विभाग ने जनपद की सभी आठ गन्ना विकास परिषदों को वसंतकालीन गन्ना बुआई का लक्ष्य आवंटन कर दिया है। आमतौर पर किसान असौजी और वसंतकाल में गन्ने की अगेती प्रजातियों की बुआई को प्राथमिकता देते हैं। ट्रैंच विधि से बुआई करने के साथ ही सहफसली के तौर पर उड़द, मूंग आदि की खेती की जाती है। जिससे किसान को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो सके। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में 1397 हेक्टेयर में वसंतकालीन गन्ना बुआई कराने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। ट्रैंच विधि से बुआई कराकर इसमें सहफसली भी कराई जाएगी। जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। सभी गन्ना विकास परिषदों को उनका लक्ष्य दे दिया गया है।
बसंतकालीन गन्ना बुआई का लक्ष्य---
गन्ना विकास परिषद------------------हेक्टेयर
सहारनपुर------------------------------1000
सरसावा--------------------------------1600
नानौता---------------------------------1800
देवबंद-----------------------------------2500
टोडरपुर---------------------------------1200
गागलहेड़ी-------------------------------1200
गांगनौली-------------------------------2100
शेरमऊ----------------------------------2197
गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक