सतगुरु से ही मिल सकती है परमात्मा की जानकारी
अंबेहटा। ढायकी गांव में संत समागम की अध्यक्षता करते हुए संत निरंकारी मिशन के प्रचारक धीर सिंह निरंकारी ने कहा कि सतगुरु की कृपा से ही प्रभु परमात्मा को पुरातन समय से जाना गया है और आगे भी जाना जाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आत्मा अमर, अजर है और चौरासी लाख योनियों में जीवन यापन करने के बाद आत्मा मानव योनि को ग्रहण करती है। उन्होंने बताया कि मानव योनि ज्ञान की योनि है। इसी योनि में आत्मा अपने मूल परमात्मा की जानकारी करना चाहती है। यह तभी संभव हो सकता है जब सतगुरु की आवाज को सुनकर सतगुरु के चरणों में अरदास की जाए। बताया कि ऐसा करने से सतगुरु कृपा करके आत्मा से परमात्मा का साक्षात्कार करा देता है। संचालन करते हुए नकुड़ ब्रांच संचालक मामचंद बर्मन ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान रामनाथ निरंकारी, सत्य कुमार, सभाचंद, धनीराम, निशा, अन्नू, सुखपाल, कर्म सिंह, नरेश, ओमप्रकाश, शिव कुमार, मेघवती, राजेंद्र, महावीर, रश्मि, सुरेशो, अमित आदि उपस्थित रहे।