गागलहेड़ी/नागल (सहारनपुर)। बिना सरकारी अनुमति के देव स्थान से मिट्टी उठा रही हाईवे निर्माण कंपनी के कर्मचारियों का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने मिट्टी का उठान रुकवा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी कोई अनुमति पत्र हाईवे कर्मचारी नहीं दिखा पाए। ग्रामीणों ने लेखपाल पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
गांव बडूली में बुधवार की सुबह हाईवे निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने जेसीबी से देव स्थल की भूमि से मिट्टी खुदाई शुरू की तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हंगामा करते हुए सरकारी अनुमति दिखाने को कहा। इस पर खुदाई कर रहे कर्मचारी ग्रामीणों को अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद गांव वालों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पाल्ला को मौके पर बुलाया। उन्होंने भी कहा कि ग्राम समाज की जमीन से बिना पंचायत की अनुमति के खुदाई नहीं हो सकती है। प्रधान ने इस संबंध में लेखपाल से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि कंपनी को अनुमति मिल गई है लेकिन मांगे जाने पर लेखपाल भी अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। ग्रामीणों का कहना था कि जिस जमीन पर खुदाई की जा रही थी, उस पर सैकड़ों साल पुराने देव स्थान है। लेखपाल ने कैसे उस पर खुदाई के लिए सहमति जता दी। वे किसी भी सूरत में यहां खुदाई नहीं होने देंगे। आरोप लगाया कि लेखपाल गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची नागल थाना पुलिस को भी कर्मचारी अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने खुदाई कार्य बंद करा दिया। हंगामा करने वाले ग्रामीणों में सतपाल त्यागी, अजय त्यागी, दीपक त्यागी, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार काला, दर्शनलाल शर्मा, अमित शर्मा, रजनीश त्यागी, महेश शर्मा, ललित शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा आदि शामिल रहे।
तहसीलदार सदर प्रीति सिंह ने बताया की अभी तक इस तरह की कोई अनुमति नहीं दी गई है, मामले की जांच की जाएगी। एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया की देव स्थल से हो रही खुदाई का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई कराएंगे।