चुनावी साल की कांवड़ यात्रा में है चुनौतियां: डीआईजी
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव से पहले होने वाली कांवड़ यात्रा ने पुलिस की नींद उड़ा दी हैं। डीआईजी शरद सचान ने बुधवार को रेंज के पुलिस अधिकारियों की बैठक में दो टूक कहा कि इस बार की कांवड़ यात्रा बेहद चुनौती भरी होगी। आतंकी साया तो रहेगा ही, लेकिन कुछ शरारती तत्व चुनावी लाभ लेने के लिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा में पड़ने वाले तमाम गांवों और मार्गों पर पुलिस समर्थित लोगों की टोलियां तैयार कर ली जाए, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति को संभालने में उनकी मदद ली जा सके।
डीआईजी शरद सचान ने बुधवार को सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। कहा गया कि इस वर्ष कई लाख कांवड़िएं और बढ़ने की संभावना है। खासतौर से तीनों जिलों में कांवड़ियों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इस बार कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से प्रस्तावित है। डीआईजी ने कहा कि इस बार पहले से ज्यादा कड़ी सुरक्षा की जरूरत है। अभी से ही अपने-अपने क्षेत्रों में कांवड़ मार्ग का अवलोकन कर वहां के गड्ढों, गूलर के पेड़ को चिह्नित कर संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर लिया जाए। पुरानी घटनाओं का संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि इस बार किसी भी दशा में उसकी पुनरावृत्ति न होने पाए। मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर खास फोकस रखने की जरूरत है। प्रत्येक जिले के प्रभारी पहले से ही सुरक्षा चक्र के हिसाब से पुलिस बल की उपलब्धता की डिमांड कर दे, ताकि जरूरत के हिसाब से शासन से पुलिस बल की मांग की जा सके।
शिविरों की शर्तों को कराया जाए पूरा
डीआईजी ने कांवड़ मार्ग पर लगने वाले शिविरों की शर्तों को और सख्त किए जाने पर जोर दिया। कोई भी शिविर बिना अनुमति नहीं लगना चाहिए। प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का सख्ती से पालन किए जाने की जरूरत है, ताकि किसी तरह की अनहोनी न होने पाए।
डीजे आदि पर नहीं हुई चर्चा
प्रदेश में योगी सरकार होने के कारण बैठक में इस बार डाक कांवड़ों पर बजने वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाने, त्रिशूल आदि पर रोक लगाने पर कोई चर्चा नहीं हुई। कहा गया कि शासन से मिलने वाले निर्देश के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।