बारात करती रह गई दुल्हन का इंतजार
सहारनपुर। मंडप सज चुका था। बारात भी पहुंच चुकी थी। इंतजार था तो सिर्फ दुल्हन का। लेकिन दुल्हन का कहीं अता-पता नहीं था। परिजन शादी समारोह को छोड़ दुल्हन की तलाश में लगे थे। इससे पहले कि परिजन दुल्हन को तलाश कर पाते। दुल्हन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस के अनुसार मल्हीपुर की पारुल और सागर का प्रेम प्रसंग काफी लंबे समय से चल रहा था। दोनों कई बार अपने परिजनों को शादी करने के लिए कह चुके थे। दोनों ही दलित समाज से थे। लेकिन पारुल के परिजन पहले तो दोनों को नाबालिग बताकर टालते रहे। लेकिन जैसे ही पारुल बालिग हुई उसकी तुरंत शादी तय कर दी। इसका विरोध किया तो पारुल के परिजनों ने रातोंरात पारुल को उसके नाना के यहां बेहट भेज दिया। वहीं, दूसरे युवक से शादी की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन पारुल और सागर दोनों एक साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे।
मंगलवार को रिश्तेदार शादी समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच चुके थे। बारात भी आ गई। लेकिन परिवार में सन्नाटा छाया हुआ था। दूल्हा सेहरा बांधे शादी के लिए तैयार था। लेकिन दुल्हन बनी पारुल सोमवार रात ही अपने प्रेमी के साथ चली गई। परिजन उसे तलाश करते रहे। बारात को भी मना नहीं किया। उन्हें उम्मीद थी कि पारुल उन्हें मिल जाएगी और उसकी शादी तुरंत कराकर विदा कर देंगे। मंगलवार को जिस समय उसकी बारात आ रही थी, उसी समय पारुल ने अपने प्रेमी के साथ ट्रेन के सामने छलांग लगा दी और प्रेमी सागर के साथ ही दुनियां छोड़ दी।