अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर।
मकान ध्वस्तीकरण की गलत कार्रवाई पर मंगलवार को भाजपा, कांग्रेस और बसपा से जुड़े राजनीतिक दलों के लोगों ने विकास प्राधिकरण पर जमकर हंगामा किया। तीनों दलों के नेताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए पीड़ित को मदद देने तथा गलत कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस विधायक ने मांग न माने जाने पर मामले को विधानसभा में उठाने की चेतावनी दी।
विकास प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को चिलकाना रोड, बेहट रोड और शकलापुरी मार्ग पर अवैध कॉलोनियों में अवैध निर्माण ध्वस्त किए थे। इनमें अनेक व्यवसायिक और ज्यादातर रिहायशी मकान थे। कार्रवाई में प्राधिकरण ने दो से तीन ऐसे मकानों को भी ध्वस्त कर दिया है, जिनको नोटिस जारी किया गया था और 15 जनवरी को मकान को सील करने की चेतावनी दी गई थी। 15 जनवरी से पहले ही अचानक से मकानों को ध्वस्त करने से मकानों में रह रहे परिवार हाड कंपा देने वाली ठंड में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इससे नाराज भाजपा, कांग्रेस और बसपा नेताओं ने वीसी और सचिव का घेराव किया। सबसे पहले पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर पहुंचीं। उन्होंने गरीबों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में वीसी मनोज कुमार और सचिव सत्यप्रकाश शर्मा को खरीखोटी सुनाई। करीब 15 मिनट तक हुए हंगामे में प्राधिकरण के अधिकारी बैकफुट पर नजर आए। क्योंकि अधिकारियों ने भी माना कि एक या दो मकानों पर गलत कार्रवाई हुई है। कुछ ही देर बार कांग्रेस विधायक मसूर अख्तर अपने समर्थकों के साथ वीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गरीबों के मकानों और दुकानों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध किया। आरोप लगाया कि ध्वस्त किए गए ज्यादातर मकान 35 से 45 गज में बने थे। शशिबाला पुंडीर और मसूद अख्तर ने करीब एक घंटे तक वीसी और सचिव को घेरे रखा। दोनों ने गलत कार्रवाई में नुकसान उठाने वाले लोगों की मदद करने की मांग की। मसूद अख्तर ने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह मामले को विधान सभा में उठाएंगे। इस दौरान विरेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, अनवार कुरैशी, प्रवीण कुमार, अधिवक्ता इंतखाब आजाद आदि मौजूद रहे।
बसपा प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा तीन कॉलोनियों में गरीबों के मकान ध्वस्त करने के मामले में बसपा का एक प्रतिनिधिमंडल अपर आयुक्त उदयीराम और वीसी मनोज कुमार तसे मिलकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त के नाम ज्ञापन भी उपमंडलायुक्त को दिया, जिसमें सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ाकी इस कार्यवाही पर विरोध प् रकट किया गया।
बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, पूर्व विधायक जगपाल सिंह, हाजी फजलुर्रहमान ने कहा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा इस कार्यवाही से लोगों का उत्पीड़न हुआ है और उनमें रोष व्याप्त है। बसपा प्राधिकरण की इस कार्यवाही की निंदा करती है। शकलापुरी रोड पर तो विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के सामने ही मकान तोड़े जाने को लेकर महिलाएं और बच्चे छतों पर चढ़ गए और रोते व बिलखते रहे। फजलुर्रह्मान ने कहा कि विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जवाबतलब करके पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए और उनके सर छिपाने का प्रबंध किया जाए। बसपा अवैध निर्माण का समर्थन नहीं करती है किंतु व्यवसायिक व रिहायशी मकानों पर होने वाली इस कार्यवाही पर विरोध प्रकट करती है और पीड़ितों को न्याय देने की मांग करती है। इस दौरान कुलदीप बालियान, राव बाबर, इमरान मालिक, सय्यद हस्सान, वासी खान, सय्यद अर्शी हसन, रिहान आदि शामिल रहे।
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पार्टी पूछने पर भड़की पूर्व विधायक
पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर ने वीसी के कार्यालय में एंट्री करते ही धवस्तीकरण की गलत कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करना शुरू कर दी। इसपर वीसी ने उनसे पूछा कि वह किस पार्टी से हैं। इस पर पूर्व विधायक का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने कहा कि यहां पार्टी या जाति न पूछी जाए। मामला पीड़ित की आवाज उठाने का है। पहले यह बताया जाए कि गलत कार्रवाई की कैसे गई है। काफी देर बाद मामला शांत हुआ।
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अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में एक मामला ऐसा सामने आया है, जिसमें नोटिस की मियाद पूरी न होने के बावजूद निर्माण ध्वस्त करा दिया गया है। यह पूरी तरह गलत है। मामले में सचिव से जवाब मांगा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी अधिकारी इसमें दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्घ कार्रवाई होगी। साथ ही अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण का अभियान भी सुचारु रूप से चलता रहेगा।
मनोज कुमार, वीसी, एसडीए।