सहारनपुर। चार जनवरी 2018 से शुरू होने जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां नगर निगम ने अभी से शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण में सहारनपुर की सफलता जन सहभागिता पर भी निर्भर करेगी, जिसके लिए 35 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। जनता को अनेक बिंदुओं पर जवाब देना होगा। सबसे खास बात यह है कि निगम ने मोहुआ (एमओएचयूए) नाम से एक एप तैयार किया है, जिसके जरिये कोई भी नागरिक शहर में कहीं भी पड़े कचरे की फोटो खींचकर एप के जरिये निगम को शिकायत कर सकेगा।
2017 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के 434 शहरों को शामिल किया गया था। इसमें सहारनपुर का स्थान 245वां रहा था, जबकि इंदौर पहले नंबर पर था। वर्ष 2018 का स्वच्छता सर्वेक्षण चार जनवरी से शुरू होने जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार 4041 शहर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत स्वच्छता से संबंधित इस सर्वेक्षण में 4000 अंकों केे तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा नगरीय निकाय के डाटा संकलन और सहभागिता से, जिसके 35 फीसदी यानी 1400 अंक रहेंगे। प्रत्यक्ष निरीक्षण के डाटा संग्रह 25 प्रतिशत है, जिसके 1000 अंक हैं, जबकि नागरिक फीडबैक से डाटा का संग्रह करने के लिए 40 फीसदी हिस्सा रखा गया है, जिसके 1600 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस सर्वेक्षण में मायनस अंक भी दिए जाएंगे। यदि नगर निगम द्वारा दी गई सूचना गलत पाई जाती है तो अंक काट लिए जाएंगे।
-----------------------------
जन सहभागिता के तहत पूछे जाने वाले सवाल
-क्या आप जानते हैं कि आपका शहर स्वच्छता रैंकिंग के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में भाग ले रहा है।
-क्या पिछले साल के मुकाबले आपका क्षेत्र साफ है।
-इस साल क्या आपने सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़े के डिब्बों का उपयोग शुरू किया है।
-क्या इस वर्ष अपने घर में अलग-अलग कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की है।
-क्या आपको लगता है कि पिछले वर्ष के मुकाबले मूत्रालयों और शौचालयों की सख्या बढ़ी है।
-क्या सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ हैं।