कृषि वैज्ञानिकों ने दिए गेहूं की उत्तम खेती के टिप्स
सहारनपुर। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को गेहूं की उत्तम खेती करने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो गेहूं के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी संभव है।
कृषि विज्ञान केंद्र के सह निदेशक फसल सुरक्षा डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि गेहूं बुआई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू हो जाती है। इसकी अगेती प्रजातियों में एचडी 1105, एचडी 3086, डीबीडब्लू 71, एचडी 2967 आदि हैं। इन प्रजातियों का बीज प्रति हेक्टेयर 100 किलो लगता है। उन्होंने उर्वरकों में एनपीके का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गेहूं की बुआई से पहले बीज को फफूंदी नाशक स्प्रिंट का 3 ग्राम प्रति किलो के हिसाब से बीजशोधन के लिए प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकांशतया किसान सूक्ष्म पौषक तत्वों का प्रयोग नहीं करते। जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने लोहा, जिंक, मैगनीज और सल्फर आदि का प्रयोग करने सलाह दी। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि गेहूं की फसल को खरपतवार से मुक्त करने के लिए रासायनिक दवाओं का प्रयोग फायदेमंद रहता है।