फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारागृह परिवर्तन का केंद्र है : भगवान भाई

विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के राजयोगी भगवान भाई ने कहा कि मनुष्य जीवन बड़ा ही अनमोल है। इसे व्यर्थ कर्म कर नहीं गंवाना चाहिए।
विज्ञापन

शुक्रवार को देवबंद उपकारागार में कैदियों को संस्कार परिवर्तन एवं व्यवहार शुद्ध विषय पर कार्यक्रम में भगवान भाई ने कहा कि मनुष्य की गलतियां ही उसी सही रूप में इंसान बनाती हैं। केवल हमें उसकी की हुई गलतियों को स्वयं ही महसूस कर परिवर्तन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कारागार कैदियों के लिए परिवर्तन का केंद्र है। जिसमें एकांत में बैठकर स्वयं के बारे में सोचना है कि उसके जीवन का क्या उद्देश्य है। संसार में आकर वह क्या कर रहा है। ऐसा चिंतन कर अपने व्यवहार और संस्कारों में परिवर्तन करना है। मनुष्य जन्म से अपराधी नहीं होता है। इस संसार में आने के बाद गलत संगत, व्यसन, नशा, काम, क्रोध, लोभ और लालच आदि बुराइयों के कारण वह अपराधी बन जाता है। गलत कर्म ही मनुष्य को दुष्प्रवृत्ति वाला बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध करने पर मनुष्य को कारागृह में लाया जाता है। इसलिए यह कारागृह नहीं बल्कि सुधार गृह है। इसलिए गलतियों का चिंतन कर तनाव में जाने के बजाए उसमें बदलाव लाना जरूरी है। क्योंकि तनाव में आने से अनेक बीमारियां होने की संभावना होती है। इस मौके पर जेलर राम यादव, पारूल, अरविंद, अंकुर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें