बाईपास अधिग्रहण मामला : मुआवजे के लिए आंदोलन की चेतावनी
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। ग्राम खजूरी अकबरपुर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन की बैठक में किसानों ने सहारनपुर बाईपास के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि का मुआवजा देने में भू अर्जन विभाग द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और भ्रष्टाचार पर कड़ा रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
गांव खजूरी अकबरपुर में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजबीर सिंह मुंडेट ने कहा कि गेल इंडिया द्वारा गैस पाइप लाइन के लिए उपयोग में ली गई भूमि के लिए किसानों को फसल, पेड़ और जमीन के संबंध में नोटिस जारी करके आपत्ति सुनकर मुआवजा दिया गया था। मगर बाईपास के लिए अधिग्रहण की जा रही जमीन के लिए किसानों को नोटिस नहीं दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों का शोषण बंद न हुआ तो यूनियन आंदोलन चलाकर किसानों को उनका हक दिलाकर रहेगी।
बैठक में बताया गया कि जिला अधिकारी सहारनपुर से दो नवंबर 2010 को गैस पाइपलाइन के लिए गेल इंडिया से किये गए समझौते के अनुसार भू उपयोग भूमि के लिए दस प्रतिशत की दर से 265 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से 2650 रुपये बनता है। इसका चार गुणा 10600 रुपये प्रति वर्ग मीटर बनता है। उस पर सात वर्ष की महंगाई लगाकर व गेल इंडिया से हुए समझौते की तरह फसल का 35 रुपये वर्ग मीटर तथा उस पर सात वर्ष की महंगाई जोड़ते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने भी विचार रखे। अध्यक्षता शब्बीर भाभरी और संचालन पहल सिंह यादव व अरूण यादव ने किया। यशपाल सिंह, रणधीर सिंह सानू, प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर यादव, भानू सिंह उन्नाव, केके शुक्ला बाराबंकी, जियालाल बनारस, शेषनाथ यादव चंदौली, पूरण सिंह, लच्छा सिंह गुर्जर, आरडी त्यागी, महेंद्र त्यागी मंडोला, सरदार निशान सिंह, राकेश, ओमवीर, मोहित चौधरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।