जांच टीम के सामने ग्रामीणों ने किया हंगामा
नानौता (सहारनपुर)। हाईकोर्ट के आदेश पर राशन डीलर की जांच करने पहुंचे तहसीलदार रामपुर मनिहारान और आपूर्ति निरीक्षक ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने अफसरों के समक्ष हंगामा करते हुए राशन डीलर पर धांधली, राशन कम देने तथा अधिक पैसे वसूलने का आरोप लगाया। जांच टीम ने मामले की गहनता से जांच की।
क्षेत्र के गांव भारी दीनदारपुर में प्राथमिक विद्यालय परिसर में तहसीलदार रामपुर मनिहारन देवेंद्र पांडेय के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। तहसीलदार ने बताया कि 2011 में ग्रामीणों की शिकायत पर हाईकोर्ट ने राशन डीलर सोमपाल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इस पर राशन डीलर सोमपाल ने स्टे ले लिया था। बताया गया कि 2013 तक चली कार्रवाई में हाईकोर्ट द्वारा सोमपाल का राशन लाइसेंस निरस्त कर दिया और गांव के निवासी श्रीपाल को लाइसेंस का आवंटन कर दिया था। 2013 से लेकर मार्च 2019 तक श्रीपाल ही गांव में राशन वितरित करता रहा। करीब तीन माह पहले हाईकोर्ट द्वारा सोमपाल के निरस्त किए गए लाइसेंस को दोबारा लागू करने और टीम को गांव में भेजकर जांच कराने के आदेश दिए गए। पिछले दो माह से सोमपाल राशन वितरण कर रहा है। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को तहसीलदार देवेंद्र पांडेय, पूर्ति निरीक्षक मदनपाल सिंह और राजीव शर्मा ने गांव में पहुंच कर मामले की जांच की।
प्राथमिक विद्यालय परिसर में पहुंची जांच टीम के सामने ही ग्रामीणों ने राशन डीलर सोमपाल का विरोध करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे शालिनी, मरसेन, इलमा, केला, उषा, सुखबीर, राकेश, संदीप, प्रीतम, शेरअली, रिहाना, सीता, जमीरा, अब्बास, समयदीन, प्रकाशी, राजेश, मानूराम, सोमवती, पूजा, सोनिया, पीरू आदि ग्रामीणों ने राशन डीलर सोमपाल पर धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर सोमपाल राशन सामग्री में हेराफेरी करता है और मानकों को विपरीत कम राशन देता है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर सोमपाल राशन सामग्री से भी अधिक पैसे काटता है और राशन कार्ड में यूनिट से कम राशन देता है। उधर डीलर ने सभी आरोपों को नकारा। जांच के बाद टीम वापिस लौट गई। तहसीलदार ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप देंगे।