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दवाओं की सप्लाई में देरी, मरीजों को परेशानी

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सहारनपुर/सरसावा। मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से खोले गए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। कुल 750 प्रकार की दवाओं में से 250 प्रकार की दवाएं ही जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध हैं। इस कारण मरीजों को प्राइवेट मेडिकल स्टोरों से दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जनपद में करीब आठ प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र हैं। इनमें एसबीडी जिला अस्पताल और अंबाला रोड पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जन औषधि केंद्र प्रमुख हैं, जहां सबसे अधिक मरीज दवा खरीदने पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र चला रहे रजत सैनी ने बताया कि वर्तमान में उनके पास करीब 250 प्रकार की दवाएं हैं। अन्य प्रकार की दवाएं लेने आने वाले मरीजों को लौटाना पड़ता है। उधर, अंबाला रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जन औषधि केंद्र पर भी दवाओं की ऐसी ही स्थिति है। संचालक ने बताया कि दवाओं की कमी चल रही है। वह लगातार दवाओं की डिमांड बनाकर भेज रहे हैं, मगर दवाएं नहीं मिल रही हैं।
बोले मरीज
जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर शुगर की दवा लेने पहुंचे 65 वर्षीय मंसूर खान ने जन औषधि केंद्र खोले जाने को केंद्र सरकार की सबसे अच्छी पहल में से एक बताया। उनका कहना है कि जो दवा उन्हें बाजार से 40 रुपये में मिलती थी वह ठीक आधे दाम में उपलब्ध है। मगर शुगर की दवाएं कुछ ही प्रकार की हैं, जिनकी वजह से परेशानी है।
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-मल्हीपुर निवासी इरफान पत्नी के लिए दवा खरीदने जन औषधि केंद्र पहुंचे। उन्हें पेट गैस और उल्टी रोकने के लिए इंजेक्शन चाहिए था, मगर जन औषधि केंद्र पर दवा नहीं होने की वजह से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्र पर अक्सर दवाएं नहीं मिलने की वजह से उन्हें बाहर से महंगे दाम पर दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
- पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के जन औषधि केंद्र पर कॉपर-टी खरीदने पहुंचे इंदिरा कॉलोनी निवासी राजीव ने बताया कि जन औषधि केंद्र से कॉपर-टी नहीं मिली। उनका कहना है कि वह जब भी जन औषधि केंद्र पर दवा खरीदने पहुंचे, या तो कुछ ही दवाएं मिल पाती हैं या एक भी नहीं मिलती।
- एक एजेंसी करती है दवा सप्लाई
प्रदेश भर के सैकड़ों जन औषधि केंद्रों पर दवा सप्लाई के लिए लखनऊ की एक एजेंसी को ठेका दिया गया है। जन औषधि केंद्र संचालकों ने बताया कि दवाओं की मांग के लिए ऑनलाइन डिमांड भेजनी होती है। चार से पांच बार डिमांड भेजने पर एक बार दवा मिलती है।
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