गंगोह (सहारनपुर)। चेयरमैन प्रतिनिधि के आवास पर आहूत बैठक में मांस विक्रेताओं द्वारा भविष्य में मुर्दा मवेशी और प्रतिबंधित पशुओं का मांस ना बेचने एवं ऐसा करने वालों का विरोध करने की बात कहे जाने पर मांस की दुकानों पर लगाई गई सील खोल दी गई। सभी को मानक पूरा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नगर में कुछ मांस की दुकानों पर मृत पशुओं का मांस बेचे जाने और मानक पूरे नहीं किए जाने की सूचना पर 17 मई को नगर पालिका प्रशासन द्वारा मेटोडोर स्थित मांस की 16 दुकानों को सील कर दिया था। इसके बाद से ही मांस की दुकानें बंद पड़ी थी और मांस विक्रेताओं के सामने भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। बुधवार शाम नगर के अनेक गण मान्य लोग और मांस विक्रेता चेयरमैन प्रतिनिधि नोमान मसूद के आवास पर पहुंच गए। काफी देर चली पंचायत में मांस विक्रेताओं के जिम्मेदार लोगों ने माफी मांगते हुए कहा कि यदि किसी एक दुकानदार ने गलत काम किया है उसकी सजा सभी दुकानदारों को नही मिलनी चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद कोई दुकानदार मृत अथवा प्रतिबंधित पशु का मांस बेचता है तो सब मिलकर उसका विरोध करेंगे। चेयरमैन प्रतिनिधि नोमान मसूद ने कहा कि यदि कोई दुकानदार शरीयत के खिलाफ मृत एवं प्रतिबंधित पशुओं का मांस बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद नोमान मसूद और नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंच कर दुकानों पर लगी सील को खुलवा दिया। पंचायत में शादाब मलिक साबरी, महफूज अली, हाजी राशिद, आसिफ, अल्ताफ, नवाब कुरैशी, लियाकत कुरैशी, कालू, फिरोज कुरैशी आदि शामिल रहे।