सहारनपुर। आय के स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) तथा स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें आयकर अधिकारियों ने कहा कि सही आयकर न काटने पर डीडीओ जिम्मेदार होंगे।
आयकर भवन के सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए आयकर अधिकारी (टीडीएस) दुष्यंत कुमार ने कहा कि टीडीएस तथा टीसीएस सही प्रकार से काटने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी की है। उनसे ऐसा करने में कोई गलती होती है तो उसके लिए उन पर जुर्माने तथा अभियोजन तक की कार्रवाई हो सकती है।
उन्होंने टीडीएस स्टेटमेंट में हुए परिवर्तनों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डीडीओ समय से सारा डाटा एकत्र कर लें ताकि टीडीएस स्टेटमेंट निर्धारित समयावधि में भरी जा सके। फर्जीवाड़ा कर दस्तावेज प्रस्तुत करके छूट का दावा करने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है और आयकर विभाग ऐसी सभी सूचनाओं पर संबंधित के विरुद्ध जुर्माने और अभियोजन की कार्रवाई भी करेगा।
सेमिनार में आयकर निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा, विनोद शर्मा, कर सहायक धर्मपाल सिंह, शिक्षा विभाग के अनुज अरोरा, अंकुर शर्मा, लक्ष्मण प्रकाश, अहमद अली, रवि प्रकाश, हर्ष वर्मा, विनेश सैनी, अजय श्रीवास्तव, मुजम्मिल अली, लोहित कुमार, विशाल कम्बोज, अमरदीप चौहान, राकेश कुमार, अंजना देवी, वित्त एवं लेखाधिकारी रवि अग्रवाल, उप शिक्षा निदेशक उम्मेद सिंह के अलावा सभी खंड शिक्षा कर्मचारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
गलती पर यह होगी कार्रवाई
आयकर अधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि टीडीएस कम काटा जाता है या किश्तों में सही रूप से नहीं काटा जाता है तो कम काटे गए टीडीएस के अतिरिक्त प्रतिमाह एक प्रतिशत की दर से इस राशि पर ब्याज देना होगा। काटकर जमा ना करने की दशा में ब्याज की दर डेढ़ प्रतिशत होगी। टीडीएस स्टेटमेंट देर से जमा करने पर प्रतिदिन 200 रुपये की फ़ीस देनी पड़ती है। टीडीएस स्टेटमेंट में गलती होने पर 25 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।