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बिजली की बाधाएं हुईं दूर, घोटाले भी खूब हुए

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सहारनपुर। विद्युत निगम ने साल भर बिजली व्यवस्था में सुधार का भरपूर प्रयास किया। आपूर्ति भी खूब दी गई। शहर से लेकर देहात को न सिर्फ रोशन करने का प्रयास रहा, बल्कि सौभाग्य योजना के तहत निशुल्क कनेक्शन देकर हर घर में बिजली देने का प्रयास किया गया। वहीं, साल भर किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। घोटालों के आरोप के चलते विद्युत निगम चर्चा में भी रहा, कार्रवाई भी हुई, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह नहीं सुधर सकी। नलकूप कनेक्शनों को लेकर अभी भी पेच फंसा हुआ है।
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विद्युत निगम ने शहर से लेकर गांव तक बिजली की सप्लाई के लिए संसाधन में सुधार के लिए काफी प्रयास किए। लगभग 142.05 करोड़ रुपये की लागत से 340 गांव एवं 362 मजरों तक बिजली सप्लाई दी गई। 1016.2 किमी लंबी 11 केवी की नई लाइन डाली गई। नलकूप कनेक्शनों एवं ट्रांसफार्मर फुंकने के मामलों को लेकर विद्युत निगम के अधिकारियों को किसानों के आक्रोश का लगातार सामना करना पड़ा। हर माह लगभग 450 ट्रांसफार्मर फुंकने का औसत आया, जबकि आपूर्ति का औसत आधा ही रहा। जिस कारण पेंडिंग बढ़ती चली गई। साल भर में लगभग पांच हजार ट्रांसफार्मर फुंके। घोटालों को लेकर भी विद्युत निगम में खासा हंगामा रहा। डार्क जोन होने के बावजूद कुछ ठेकेदारों ने अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को नलकूप के कनेक्शन जारी कर दिए गए, उनकी रसीदें भी काटी गईं, किसानों से लगातार निर्धारित भुगतान भी लिया जाता रहा, लेकिन अभिलेख में उनका कनेक्शन ही नहीं खोला गया। जब नलकूप कनेक्शनों को ऑनलाइन किया गया तो मामले का खुलासा हुआ और लगभग 40 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया। जिसकी शासन स्तर से जांच भी बैठाई गई। इसके बाद विद्युत वितरण खंड बेहट के उपखंड मुजफ्फराबाद के लगभग 250 किसानों से वसूली कर रसीदों में हेराफेरी कर मात्र छह महीने में ही 72 लाख रुपये का गबन का मामला पकड़ा गया। जिसमें मुजफ्फराबाद के टीजी-टू के दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया। देवबंद क्षेत्र में एक अवर अभियंता पर बिना स्टोर से सामान लिए ही बिजली की लाइन शिफ्ट कर दी गई। जो मानकों के अनुसार नहीं थी। इससे करंट लगने पर एक छात्र की मौत हो गई। जिस कारण अवर अभियंता को निलंबित किया गया। यही नहीं एक अवर अभियंता ने बिना किसी अनुमति के ही अनधिकृत कालोनी में ट्रांसफार्मर लगवा दिया और बिजली की लाइन खिंचवाकर सप्लाई चालू करा दी। जबकि आवेदन बाद में कराया गया। छापे में इसका खुलासा हुआ और अवर अभियंता नप गए।
सौभाग्य योजना में दिए गए 1.10 लाख नए कनेक्शन
विद्युत निगम द्वारा सौभाग्य योजना के तहत 110188 लोगों को नए कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जिसे नवंबर तक ही पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार का कहना है कि सौभाग्य योजना का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उससे भी अधिक कनेक्शन दे दिए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष के राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के 86283 कनेक्शन दिए जाने के लक्ष्य को भी इस वर्ष सौभाग्य योजना में समाहित कर पूरा कर दिया गया। सहारनपुर शहर में 7759 नए कनेक्शन जारी किए गए।
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जिले में बने 14 में से 12 नए बिजलीघर
जिले भर में 14 नए बिजलीघर इस वर्ष स्थापित किए जाने थे। जिनमें से दो बिजलीघर सहारनपुर शहर में बनवाए जाने थे। इनमें से 10 बिजलीघर देहात क्षेत्र में इस साल बन गए, जबकि शहर में दो बिजलीघरों मोहल्ला किशनपुरा और मानकमऊ से क्षेत्र में सप्लाई मिलनी शुरू हा गई।
शहर को 23 घंटे तो गांवों का मिली साढ़े 17 घंटे बिजली
विद्युत निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में इस वर्ष प्रतिदिन औसतन 24 में से लगभग 23 घंटे बिजली की सप्लाई की गई, कस्बों में 20 घंटे में से 19 घंटे तथा गांवों में 18 घंटे में से लगभग 17 घंटे सप्लाई का दावा किया गया है।
शहर में 59 से लाइनलॉस रह गया मात्र 23 प्रतिशत
अधीक्षण अभियंता रविंद्र गुप्ता का कहना है कि शहर में बिजली की सप्लाई में काफी सुधार हुआ है। नए कनेक्शन जारी करने के अलावा लाइन लॉस भी पिछले वर्ष 59 प्रतिशत के सापेक्ष मात्र 23 प्रतिशत रह गया है। इस वर्ष विद्युत निगम द्वारा सहारनपुर में हेल्पलाइन डेस्क की शुरुआत रही। साथ ही निगम की ओर से ऊर्जा मित्र मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया गया है। इस वर्ष शहर में राजस्व भी पिछले वर्ष 186.65 करोड़ के सापेक्ष 208.65 करोड़ रहा है।
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