सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी ने 65 लाख रुपये का खनन वाहन पार्किंग का ठेका निरस्त कर दिया है। खनन वाहन पार्किंग के नाम पर शहर में प्रवेश करने पर ही खनन सामग्री से लदे वाहनों से वसूली की जा रही थी। वसूली को लेकर मारपीट भी सामने आ चुकी थी। ट्रक चालक अवैध वसूली का आरोप लगा रहे थे। अमर उजाला ने अवैध वसूली और मारपीट से जुड़े मामले को 26 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद नगर निगम ने ठेका निरस्त कर दिया है।
नगर निगम ने खनन सामग्री से लदे वाहनों की पार्किंग के लिए शहर में आठ स्थान चिह्नित किए हुए हैं, जिनका ठेका 65 लाख रुपये में छोड़ा गया था। पिछले कुछ समय से ट्रक चालक परेशान थे। उनका कहना था कि वह हरियाणा से खनन सामग्री लेकर आते हैं और उत्तराखंड जाते हैं। मगर सहारनपुर में वाहन खड़ा नहीं करने के बावजूद शहर में एंट्री करते ही उनसे भी वसूली हो रही है। उनका यह भी आरोप था कि वसूली करने वाले डेढ से दो दर्जन की संख्या में होते हैं, जो मनमानी करते हैं। अवैध वसूली का विरोध करने वाले ट्रक चालकों के साथ मारपीट की जाती है। कई बार ट्रकों के शीशे भी डंडा मारकर तोड़े जा चुके थे। 24 नवंबर की देर रात वसूली करने वाले ने अवैध वसूली का विरोध करने पर आजम नाम के ट्रक चालक के सिर में डंडा मारकर सिर फोड़ दिया था। महापौर संजीव वालिया ने मामले की जांच कराने तथा नियम विरुद्घ वसूली पाए जाने पर ठेका निरस्त करने की बात कही थी। 29 नवंबर को महापौर कार्यालय में हुई नगर निगम बोर्ड कार्यकारिणी समिति की बैठक में मंसूर बदर समेत कई सदस्यों ने भी खनन वाहन पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का मामला उठाया था। महापौर ने भी इस पर नाराजगी जताई और फिर ठेका निरस्त कर दिया गया।
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पार्श्वनाथ पार्किंग का ठेका भी निरस्त
कार्यकारिणी समिति ने कोर्ट रोड स्थित पार्श्वनाथ प्लाजा के सामने का पार्किंग ठेका भी निरस्त किया है। माना जा रहा है कि सड़क पर चल रहे पार्किंग ठेके की वजह से कोर्ट रोड पर जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में पार्षद काफी दिन से उक्त ठेके को निरस्त करने की मांग कर रहे थे, जिसे समिति की बैठक में मान लिया गया।