9034 अभ्यर्थियों ने छोड़ी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा
सहारनपुर। रविवार को 33 केंद्रों पर हुई सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी पुरुष/महिला) परीक्षा 2018 से 65.77 फीसदी अभ्यर्थी नदारद रहे। जानकर हैरानी होगी कि कुल 14976 अभ्यर्थियों में से 9034 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा को शांति और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
परीक्षा में पारदर्शिता लाने तथा किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार अभ्यर्थियों के सेंटर दूर बनाए गए। पूर्वी जिलों के अभ्यर्थी सहारनपुर सहित अन्य जिलों में परीक्षा देने आए, जबकि यहां के अभ्यर्थियों के सेंटर पूरब के जिलों में बनाए गए। जनपद में परीक्षा के लिए कुल 33 केंद्र बनाए गए थे। इन पर 14 हजार 976 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। मगर मात्र 5942 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 9034 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के लिए तमाम व्यवस्थाएं चौबंद रहीं। केंद्रों पर मुख्य द्वार पर तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिहाज से भारी पुलिस बल केंद्रों पर तैनात रहा।
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने शहर के केंद्रों का दौरा कर जायजा लिया। परीक्षा केंद्रों पर 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 33 सहायक पर्यवेक्षक तैनात रहे। परीक्षा अभ्यर्थियों की कम संख्या की वजह से कक्षों में आधे से अधिक सीटें खाली पड़ी रहीं। परीक्षा में कम उपस्थिति की वजह सेंटर दूर बनाया जाना और मौसम की खराबी माना जा रहा है। दूसरी वजह यह भी बताई जा रही है कि चूंकि यह परीक्षा राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए थी तो इसमें अनेक बेसिक स्कूलों के शिक्षकों ने भी आवेदन किया था। परीक्षा छोड़ने वाले ज्यादातर बेसिक स्कूलों के शिक्षक ही रहे। जिन्हें जरूरत थी केवल वही परीक्षा में शामिल हुए हैं। परीक्षा देकर निकले राम अवतार ने प्रश्न पत्र को सामान्य बताया। मुकुल शर्मा ने बताया कि इंटरमीडिएट बेस के कई सवालों को दूसरे तरीक से पूछा गया था, जिसकी वजह से कई अभ्यर्थी चकमा खा गए।
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सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई है, जिसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं रही है। प्रशासन और पुलिस विभाग की भरपूर सहयोग रहा। 65.77 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी। डा. अरुण कुमार दुबे, डीआईओएस।
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