सहारनपुर। जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे विधायक और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष को शमशान घाट नहीं जाने दिया। दोनों को गांव के बाहर ही रोककर लौटा दिया। रामनगर में बृहस्पतिवार को सचिन वालिया का शव पहुंचने के बाद गम का माहौल था। वालिया के अंतिम संस्कार में जिले के कई इलाकों से लोग शामिल होने आए थे। दोपहर 12 बजे सहारनपुर देहात विधानसभा से कांग्रेस विधायक मसूद और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद अंतिम संस्कार में शामिल होने रामनगर पहुुंचे। उन्हें गांव के बाहर भीम आर्मी समर्थकों ने रोक दिया। कहा कि आप दोनों शमशान घाट ना जाएं। लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा है। यह सुनकर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक गांव के बाहर ही पुलिस फोर्स की मौजूदगी में खड़े हो गए। 15 मिनट बाद दोनों वहां से लौट गए।
बता दें कि बुधवार को जिला अस्पताल में मृतक के परिजनों से मिलने गए बेहट विधानसभा से कांग्रेस विधायक नरेश सैनी को भी गुस्साए भीम आर्मी समर्थकों ने जिला अस्पताल से वापस भेज दिया था।
किसी के सुख में भले ही शामिल ना हो। दुख में साथ खड़ा होना हमारा फर्ज हैं। लेकिन बड़ा दुख होता है, जब जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार होता है। दुख की घड़ी में कांग्रेस मृतक के परिजनों के साथ खड़ी है।
- मसूद अख्तर, विधायक।