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मनचाहा स्कूल नहीं मिला तो करेंगे काउंसिलिंग का बहिष्कार

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सहारनपुर। मनचाहा स्कूल न मिलने की वजह से आधे से अधिक शिक्षकों ने काउंसिलिंग का बहिष्कार करते हुए हंगामा कर दिया। इससे विभाग के सामने शिक्षक पूरे करने की चुनौती बन आई है।
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सरकार की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का बनाया जाए। पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का बनाया जा रहा है। जनपद के 11 ब्लॉकों में कुल 55 स्कूल अंग्रेजी माध्यम के किए जा रहे हैं, जिनको चिह्नित कर लिया गया है। उक्त स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए सोमवार को नुमाइश कैंप स्थित यूआरसी में काउंसिलिंग हुई। काउंसिलिंग में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के हेड मास्टर पद के लिए 60 शिक्षकों को बुलाया गया था, जिनमें से 40 ने विकल्प भरकर दिए, जबकि शेष ने मनचाहे स्कूलों के विकल्प न बचने की वजह से काउंसिलिंग में हिस्सा नहीं लिया। प्रत्येक स्कूल में चार-चार सहायक अध्यापक भी रखे जाने हैं। ऐसे में 220 शिक्षकों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। मगर 105 ने ही विकल्प भरे, जबकि 115 ने काउंसिलिंग में मनचाहे स्कूल न मिलने से नाराजगी व्यक्त की। एडी बेसिक अनुराधा और बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। मगर शिक्षक नहीं माने। अब विभाग के सामने स्कूलों में शिक्षकों कमी को दूर करने की चुनौती बन गई है।
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अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में तैनाती के लिए हुई काउंसिलिंग में मनचाहे स्कूल न मिलने की वजह से आधे से अधिक शिक्षकों ने काउंसिलिंग में हिस्सा नहीं लिया है, जो खराब स्थिति है। उन्हें निजी स्वार्थ त्यागकर बच्चों के हित के बारे में सोचना चाहिए। कुछ भी हो हम स्कूलों को चालू करने जा रहे हैं। शिक्षकों की व्यवस्था के लिए दूसरा रास्ता अपनाया जा रहा है।
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रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
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