साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। खुले में शौच से मुक्त घोषित ग्राम पंचायत के अधिकतर शौचालयों में उपले, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी या अन्य सामान रखने को ग्रामीण मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालयों का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं किया गया है जिससे उन्हें अंदर बैठते हुए छत गिरने का भय बना रहता है।
विकास खंड साढौली कदीम की ग्राम पंचायत कांसेपुर को सितंबर 2017 में खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया था। परंतु यहां ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए अधिकतर शौचालयों का उपयोग आज तक भी ग्रामीण नहीं कर पाए हैं। ग्रामीणों ने इन शौचालयों में उपले, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी या अन्य सामान रखा हुआ है। ग्रामीणों से जब इन शौचालयों को शौच के लिए उपयोग न करने की जानकारी ली गयी तो उनका कहना है कि शौचालयों के निर्माण में मानकों की घोर अनदेखी की गई है। इनकी छत एवं दीवारों में तभी से दरारें पड़ी हुई हैं। जिससे इनमें शौच के लिए बैठते हुए भय बना रहता है कि कहीं इनकी छत या दीवार गिर न जाए। ग्रामीणों ने शौचालयों के निर्माण में हुई धांधली की जांच कराए जाने की मांग की है। उधर बीडीओ का कहना था कि जांच कराई जाएगी यदि ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।