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वसीम रिजवी की दलीलें झूठी, साबित करें कौन सा मंदिर तोड़ मस्जिद बनाई: उलमा

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देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा अयोध्या विवाद में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लिखी गई चिट्ठी में विवादित जगह हिंदुओं को वापस दिए जाने की सलाह देने पर देवबंदी उलमा भड़क गए हैं। उनका कहना है कि वसीम रिजवी पर जो केस चल रहे हैं उनसे बचने के लिए बीजेपी को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं।
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बुधवार को वसीम रिजवी ने बोर्ड को भेजी चिट्ठी में कहा कि हिंदुओं के मंदिरों को तोड़कर जो मस्जिद बनाई गई है शरीयत के अनुसार उसमें इबादत नहीं की जा सकती है। इसलिए वो जगह हिंदुओं को वापस कर देनी चाहिए। इस पर दारुल उलूम निस्वाह के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ का कहना है कि वसीम रिजवी इस तरह के बयान देने के लिए मजबूर हैं। क्योंकि उनके ऊपर जो केस चल रहे हैं उससे बचने के लिए वो इस तरह की बयानबाजी कर भाजपा को खुश करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी हैसियत बहुत गिर गई है उनके ऊपर किसी भी वक्त कोई भी गाज गिर सकती है, लेकिन भाजपा ऐसी मजबूत पार्टी है जो इस तरह की चीजों पर कोई ध्यान नहीं देती है। वसीम रिजवी कुछ भी कर लें लेकिन अब पार्टी इनको घास डालने वाली नहीं है। मौलाना लतीफ ने रिजवी को सलाह देते हुए कहा कि जो वक्त बचा है कायदे से गुजार लें तो बेहतर होगा। मुफ्ती अथर कासमी का कहना है कि वसीम रिजवी ने जो कहा है वो उसे साबित करके दिखाएं कि वो कौन सा मंदिर है जिसे मुसलमानों ने तोड़कर वहां मंदिर बनाई है। उन्होंने कहा कि असल वजह ये है कि रिजवी पर जो केस दर्ज हैं उनको दबाने के लिए और राजनीति में आने के लिए वो इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
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