राष्ट्रीय लोक अदालत में 3804 वाद निस्तारित
सहारनपुर। जिला जज सुशीला सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 3804 वाद निस्तारित किए गए। शोभित यूनिवर्सिटी के विधि के छात्र छात्राओं ने राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्य प्रणाली को समझा।
शनिवार को दीवानी कचहरी में आयोजित लोक अदालत में जिला जज सुशीला सिंह ने 11 एमएसी वाद , अपर जिला जज बबीता रानी ने 3 वाद, प्रधान न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने 36 वाद , अपर जिला जज ने मुकेश कुमार सिंघल ने 6 वाद, अपर जिला जज सुरेश चन्द्र भारती ने 68 वाद अपर जिला जज ने नरेन्द्र बहादुर प्रसाद ने 3 वादों का निस्तारण किया। ज्ञान प्रकाश तृतीय ने 3 वाद, रविकान्त अपर जिला जज ने 3 वाद, सभाजीत सिंह अपर जिला जज ने 6 वाद, ललीता गुप्ता अपर जिला जज/एफटीसी ने 2 वादों का निस्तारण किया। अनामिका चौहान अपर जिला जज के 26 वाद, राजेन्द्र राम लघुवाद न्यायाघीश के 8 वाद, दीपा राय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 24 वाद एवं 15400 रुपये अर्थदंड, बृजेन्द्र पांडेय सिविल जज एसडी के 35 वाद, रविन्द्र कुमार एसीजेएम प्रथम के 114 वाद एवं 135425 रुपये अर्थदण्ड, महेश चन्द्र वर्मा प्रथम अपर सिविल जज एसडी के 7 वाद एवं 2 लाख रुपये की राशि दिलाई गई, दीनानाथ एसीजेएम द्वितीय के 587 वाद एवं 121850 रुपये का अर्थदंड, रजनेश कुमार एसीजे द्वितीय के 87 वाद 44450 रुपये अर्थदंड लगाकर वादों का निस्तारण किया गया। निर्दोष कुमार एसीजेएम तृतीय के न्यायालय के 397 वाद एवं 55400 रुपये अर्थदंड, सुरेन्द्र प्रसाद एसीजेएम चतुर्थ के 177 वाद एवं 41700 रुपये अर्थदंड, सत्यपाल सिंह प्रेमी सिविल जज(एसडी)/एफटीसी के 5 वाद, दिव्या चौधरी सिविल जज जेडी/नगर के 23 वाद, सुमित चौधरी जेएम प्रथम के 812 वाद 103370 रुपये अर्थदंड, ऑचल कसाना जेएम द्वितीय के 366 वाद और 33480 रुपये का अर्थदंड, एलके राठी अतिरिक्त जज के 56 एनआई एक्ट के वाद, सिविल जज एसडी देवबंद सुशील कुमार खरवार के 210 वाद निस्तारित एवं 52550 अर्थदंड प्राप्त हुआ। प्रीलिटिगेशन के 115 वाद भी निस्तारित हुए तथा 6263500 रुपये लोन की राशि वसूली गयी। प्रशासन के 982 राजस्व एवं फौजदारी वाद भी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए। जिला जज ने न्यायालयों में जाकर राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण किया। शोभित यूनिवर्सिटी गंगोह के विधि के छात्र एवं छात्राओं ने भी लोक अदालत को गहनता से देखा और इसकी महत्ता को समझा।