सहारनपुर। निकाय चुनाव के बाद सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला सहकारिता विभाग ने चुनाव कराने की रणनीति तैैयार कर ली है। 29 जनवरी को सभापति और उपसभापति का चुनाव होगा। उधर, राजनीतिक दल भी चुनाव में अपना दबदबा कायम करने के प्रयास में जुट गए हैं।
जिले में 284 सहकारी समितियों का कार्यकाल पूरा होने को है। चुनाव का शंखनाद हो चुका है। इसके लिए तीन लाख 49 हजार सदस्य प्रतिनिधियों के लिए मतदान करेंगे। जिला सहकारी विभाग के सहायक निबंधक हरेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इसके लिए समितियों को दिशा निर्देेश दिए गए हैं। प्रथम चरण में सहकारी समितियों की प्रबंध समिति का चुनाव होगा। मतदाता सूची का प्रदर्शन 15 जनवरी को किया जाएगा। मतदाता सूची पर आपत्ति 17 जनवरी तक दी जा सकेंगी। 18 जनवरी को मतदाता सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण होगा। पुन: मतदाता सूची का प्रदर्शन 19 जनवरी को होगा। 20 जनवरी से नामांकन पर्चें दाखिल कराए जाएंगे। 23 जनवरी तक प्रतिनिधि अपने पर्चे वापस ले सकेंगे। 29 जनवरी को मतदान होगा। इससे पूर्व 11 व 12 जनवरी को चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उधर, राजनीतिक दलों ने भी सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सपा सहकारी समितियों में अपना दबदबा कायम रखना चाहती है तो भाजपा सत्ता में होने की वजह से अपना परचम लहराना चाहती है। वहीं, बसपा और कांग्रेस भी सहकारी समितियों के चुनाव में अपना जलवा कायम रखना चाहती है। क्योंकि, हाल ही में हुए निकाय चुनाव में जिले में बसपा दूसरे नंबर की पार्टी रही है और कांग्रेस ने भी पहले से अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं, इस चुनाव में भाजपा पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्योंकि, केंद्र और प्रदेेश में भाजपा सरकारें हैं।