सहारनपुर। ग्राम नाजिरपुरा में नाबालिग को बहला फुसला कर ले जाने के मामले में आरोप सिद्ध हो जाने पर न्यायालय ने दो आरोपियों को सात-सात साल के कारावास और 60 हजार-60 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जबकि ग्राम सलेमपुर में नल से पानी भरने गई लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोप में 3 लोगों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है।
कोतवाली देहात के ग्राम नाजिरपुरा निवासी एक नाबालिग लड़की को 1 जून 2011 को पड़ोस के ही रहने वाले दो व्यक्ति बहला फुसला कर ले गए। उस समय लड़की के माता-पिता डाक्टर के पास गए हुए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील यादव ने बताया कि जब लड़की के माता-पिता लौट कर आए तो अन्य बच्चों ने मामले की जानकारी दी। जिस पर लड़की के पिता ने कोतवाली देहात में सोनू और कंवरपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने 18 दिन बाद लड़की को देहरादून से बरामद कर लिया। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता की अदालत में चला। दोनों पक्षों के तर्क, साक्ष्यों के बाद दोनों आरोपियों को बहला-फुसला कर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया गया। कोर्ट ने सोनू और कंवरपाल को 7-7 वर्ष का कारावास एवं 60000-60000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
बेहट के ग्राम सलेमपुर के कुछ युवक 11 जनवरी 2012 को नल पर पानी भरने के लिए गई एक लड़की का अपहरण करके ले गए। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील यादव ने बताया कि लड़की 15 जनवरी को अपहर्ताओं के चंगुल से किसी प्रकार छूटकर अपने घर पहुंच गई और पांच लोगों लोगों मदनपाल, अर्जुन, जुगनू उर्फ टिंकू, दिलीप उर्फ बिट्टू तथा भारत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने पांचों के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। न्यायाधीश ललित गुप्ता ने मामले की सुनवाई की और साक्ष्यों तथा गवाहों के आधार पर अर्जुन, जुगनू उर्फ टिंकू तथा दिलीप उर्फ बिट्टू को दोषी पाया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 7-7 साल का कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।