15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तैयारी तेज कर दी गई हैं। कुल 149 मतदान केंद्र और उनसे जुड़े मोहल्ले और मजरे संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन ने विशेष प्लान तैयार किया है। इतना ही नहीं, 807 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जो गड़बड़ी कर सकते हैं। इन पर भी प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है।
एसएसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि जनपद में 149 मतदान केंद्रों और उनसे संबंधित 149 गांवों, मोहल्लों और मजरों को चिन्हित किया गया है। यह सभी संवेदनशील केंद्र हैं, जिनमें रहने वाले 3113 मतदाओं को भय है कि उनसे जबरन वोट डलवाया जा सकता है।
यहीं पर 807 लोग ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जो चुनाव में गड़बड़ी कर माहौल खराब कर सकते हैं। इन सभी के विरुद्घ 107/116(3) के तहत पाबंद कराने की कार्रवाई और गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट 110(जी) तथा अन्य धाराओं में प्रभावी कार्रवाई कराई जा रही है। मतदाताओं को आश्वस्त किया है कि तमाम मतदाताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। निर्भय होकर मतदान करने की अपील की।
इससे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम शफकत कमाल ने बताया कि प्रशासन हर स्थिति में आचार संहिता का पालन कराएगा। राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और उनके प्रतिनिधियों को आचार संहिता के नियमों का जानकारी दी जा चुकी है। प्रशासन की अलग-अलग टीमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। यदि कोई दल या प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा। इस दौरान एडीएम-प्रशासन एसके दुबे, एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह भी मौजूद रहे।
दस हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी और अधिकारी रहेंगे तैनात
सहारनपुर। विधान सभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ ही उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी लगाए गए हैं। इनके अलावा हजारों की संख्या में पुलिस, पीएसी और पैरामिल्ट्री के जवान तैनात रहेंगे।
एसएसपी भारत सिंह यादव ने बताया कि जनपद के कुल 1254 मतदान केंद्रों और 2357 मतदेय स्थलों को 19 जोन और 169 सेक्टर में बांटा गया है। इनमें जोनल मजिस्ट्रेट के साथ ही पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए जाएंगे।
जनपद में उपलब्ध पुलिस बल के अलावा 35 पुलिस निरीक्षक, 431 उप निरीक्षक, 361 मुख्य आरक्षी, 4362 आरक्षी, 2733 होमगार्ड, पीएसी की 77 सेक्शन और पैरामिल्ट्री फोर्स की 693 सेक्शन की मांग की गई है। इनके ठहरने के लिए जनपद में कॉलेज और सार्वजनिक भवन चिन्हित कर ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। जनपद को आईटीबीपी कंपनी दो जनवरी को ही प्राप्त हो गई थी, जो अलग-अलग विधान सभाओं में एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में फ्लैग मार्च कर रही है।