सहारनपुर। भूतेश्वर महादेव क्रीड़ा स्थल पर चल रही श्रीमद्भागत कथा के दौरान कथा व्यास डाक्टर संजय कृष्ण सलिल जी महाराज ने कहा कि काम पर विजय प्राप्त करना ही रासलीला है। यह कोई साधारण जीव के द्वारा रचित किया गया कार्य नहीं है।
कथा के छठे दिन डाक्टर पंकज खन्ना और डाक्टर दीपशिखा खन्ना ने कृष्ण भगवान के स्वरूप के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्य यजमान सुनील कुमार अग्रवाल और पूर्णिमा अग्रवाल रहे।
इस दौरान कथा व्यास ने कहा कि मेरे गोविंद उनकी 16108 गोपियों के साथ रहकर भी पूर्ण ब्रह्म हैं। इस रासलीला को कौन कौन श्रवण कर रहे हैं, ब्रह्माजी, शंकर जी एवं राजा परीक्षित। जिनको एक दिन के बाद मरना है, वह भी प्रभु की रासलीला का आनंद ले रहे हैं। कथा व्यास ने कहा कि प्रभु ने गिरिराज जी को सात दिन तक उठाए रखा। बृज में फिर भी धूल उड़ रहल्ी थी। जब इंद्र ने यह देखा कि बृज में एक बूंद भी पानी नहीं गिरा, तब उन्हें अहसास हुआ और इंद्र द्वारा प्रभु का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा पहुंचकर कंस का वध कर नाना को मुक्त कराया और सिंहासन पर विराजित कराया। कई कथा प्रसंग के बाद ठाकुरजी का विवाह रुकमणि के साथ संपन्न होने का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान मधुकर, पारुल, मनीष, अभिषेक पंवार, नवीन गर्ग, हरीश आदि का सहयोग रहा। मंच का संचालन राहुल माहेश्वरी ने किया।