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नीले रंग के गुलाल से रावण को तिलक लगा खेली होली

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छुटमलपुर (सहारनपुर)। शब्बीरपुर कांड में जेल से रिहा होकर आधी रात के बाद घर पहुंचे भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण का छुटमलपुर पहुंचने पर हजारों समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। जुलूस के रूप में रावण को लेकर उसके घर पहुंचे और रात भर जश्न का माहौल रहा। शुक्रवार को ढोल नगाड़ों और जुलूस के रूप में आए समर्थकों ने नीले रंग के गुलाल से तिलक लगाकर उनके साथ होली खेली। पूर्व विधायक इमरान मसूद, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर और बेहट विधायक नरेश सैनी रावण से मिलने पहुंचे।
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बृहस्पतिवार की रात पौने तीन बजे सहारनपुर जिला कारागार से रिहा होते ही रावण हजारों समर्थकों के साथ सवा तीन बजे छुटमलपुर पहुंचा। जहां हरिजन कालोनी स्थित उसके आवास पर ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। पूरी कालोनी के लिए शुक्रवार को दिन सवा तीन बजे ही निकल गया था। इसके बाद शुरू हुआ भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के वहां पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार की शाम तक चला। गांव देहात से ट्रैक्टर ट्रालियों, घोड़ा बुग्गियों, बाइकों, साइकिलों और पैदल जुलूस के रूप में पहुंचे समर्थकों ने सतीश रावत के घेर में नीले रंग से होली खेलते हुए रावण को इसी रंग का तिलक लगा कर बाहर आने की बधाई दी और हर संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिलाया। रावण ने भी समर्थकों से कहा कि अब वह बाहर आ गया है कोई चिंता करने या किसी से डरने की जरूरत नहीं है। बहुजन समाज के आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए सभी साथी मिल कर काम करेंगे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से समर्थकों और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वह दलित विरोधी केंद्र की भाजपा सरकार को 2019 के चुनाव में उखाड़ फेंके। रावण के इस आह्वान पर चंद्रशेखर तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं के नारे लगाए गए। दोपहर डेढ़ बजे कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद बेहट विधायक नरेश सैनी, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर और प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मेहरबान आलम के साथ रावण से मिलने पहुुंचे। खास बात यह रही कि दलितों के साथ ही रावण के स्वागत के दौरान मुस्लिमों की भी अच्छी खासी संख्या रही। देर शाम तक रावण से मिलने पहुंचने वाले समर्थकों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं का तांता लगा था। आस पास के गांवों और जनपदों के साथ ही पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में समर्थक रावण से मिलने पहुंचे।
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इमरान मसूद को बताया भाई
रावण ने इमरान मसूद के गले मिलने के बाद उन्हें अपना भाई बताया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में जब उसके अपने भी साथ छोड़ गए थे तो इमरान मसूद ने उनका साथ दिया। वे हर समय इमरान मसूद के साथ खड़े हैं।
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लोकप्रियता से घबराए पीएम मोदी ने की थी सभा
पत्रकारों से बातचीत में रावण ने कहा कि कैराना लोकसभा उप चुनाव के दौरान भीम आर्मी की ताकत से घबरा कर चुनाव से दो दिन पहले खुद पीएम मोदी को सभा करनी पड़ी थी। भाजपा ने सांसदों और मंत्रियों की फौज चुनाव में उतारी थी, लेकिन चंद्रशेखर अकेला ही चुनाव में भाजपा पर भारी पड़ा था और उसे हार का मुंह देखना पड़ा था। उसकी इसी लोकप्रियता से भाजपा घबरा गई है। इसी के चलते उसे गलत तरीके से जेल भेजा गया था।
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चंद्रशेखर रावण ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट को लेकर उनका संगठन लोकतांत्रिक दायरे में रह कर संवैधानिक आंदोलन कर रहा था लेकिन प्रदेश सरकार ने साजिश रच कर उनके अहिंसक आंदोलन को हिंसक बना दिया। इसके चलते उनके 10-11 भाइयों को बलिदान देना पड़ा था। उनका संगठन इस बलिदान का बदला भाजपा से जरूर लेगा।
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रावण की मां कमलेश देवी का कहना था कि पिछले 15 माह में उन्होंने कोई त्योहार नहीं मनाया। अब एक ही दिन होली और दीवाली मन गई। समाज का प्यार देख कर जिगर के टुकडे के 15 माह तक दूर रहने का गम भी पल भर में गायब हो गया। आज उसे कोई दुख नहीं रहा। बेटा समाज की सेवा करने के लिए फिर से आजाद हो गया।
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