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थर्ड डिग्री के खिलाफ भाकियू ने दिया तहसील पर धरना

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बेहट (सहारनपुर)। थाना मिर्जापुर पुलिस पर चार युवकों को थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए नूरपुर भरावड़ के ग्रामीणों ने भाकियू पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ तहसील में धरना देकर थाना प्रभारी एवं एक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीओ ने भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता कर जांच के उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन भाकियू नेता सीओ को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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शुक्रवार को थाना मिर्जापुर क्षेत्र के नूरपुर भरावड़ गांव के लोग भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह की अगुवाई में तहसील पहुंचे और मिर्जापुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उसके बाद भीड़ धरने पर बैठे गई। धरने पर बैठे लोगों का आरोप था, कि मिर्जापुर थाना प्रभारी एवं एक दरोगा द्वारा जमीन की डोलबंदी को लेकर हुए विवाद में नूरपुर भरावड़ से चार युवकों को थाने लाए थे। पुलिस ने उन्हें थर्ड डिग्री दी। बर्बरतापूर्वक पीटने के दौरान एक युवक को हार्ट अटैक भी आ गया। जिसके बाद चारों युवकों को ग्राम प्रधान मोहम्मद आलिम की सुपुर्दगी में दे दिया। भाकियू के जिला प्रवक्ता मास्टर रघुवीर सिंह ने कहा कि मामूली से विवाद में जिस बर्बरतापूर्वक पुलिस ने किसान युवकों को पीटा है, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक आरोपी थाना प्रभारी एवं दरोगा के खिलाफ कार्रवाई वह धरने से नहीं उठेंगे। सीओ ब्रह्मपाल सिंह ने भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन भाकियू नेताओं आरोपी थाना प्रभारी एवं दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीओ को चार दिन का अल्टीमेटम दिया। उनका कहना था, कि यदि इस अवधि में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो भाकियू 28 अगस्त को थाना मिर्जापुर का घेराव करेगी। धरना प्रदर्शन में भाकियू के जिला सचिव मोहम्मद आलिम, तहसील अध्यक्ष घनश्याम सिंह राणा, ब्लॉक अध्यक्ष रागिब अली, नौशाद प्रधान, जुल्फान प्रधान नानूवाला, इरशाद, राजवीर, सोनू इसरार, राव खुशनूद आदि शामिल रहे। 23 तारीख को नूरपुर भरावड़ निवासी नसीम, शमीम, फिरोज पुत्रगण सलीम और तौकीन पुत्र नसीम के बीच जमीन की डोलबंदी को लेकर विवाद हुआ था। विवाद की सूचना पर पुलिस चारों लोगों को थाने ले आई थी। आरोप है, कि पुलिस ने चारों को थर्ड डिग्री दी और बर्बरतापूर्वक पीटा। शमीम को पिटाई के दौरान हार्ट अटैक आने पर पुलिस उनके चाचा ग्राम प्रधान मोहम्मद आलिम को थाने बुलाकर चारों युवकों को सौंप दिया। ग्राम प्रधान ने बताया, कि उसने अपने चारों भतीजों को हालत बिगड़ने पर ग्लोकल हॉस्पिटल मिर्जापुर पोल में भर्ती कराया।
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प्रदेश में तानाशाही चल रही है। पुलिस बेलगाम होकर निर्दोष लोगों को उठाकर बर्बरतापूर्वक पीट रही है, जबकि अपराधियों पर पुलिस का कोई शिकंजा नहीं है, जिस तरह से निर्दोष किसान युवकों को पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर बर्बरतापूर्वक पीटा है, उसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो भाकियू थाने का घेराव करने के साथ ही उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।
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--चौधरी चरण सिंह, जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
मैने युवकों के शरीर पर निशान देखें है। यदि वास्तव में पुलिस ने उन्हें इस तरह से पीटा है, तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कार्रवाई जाएगी और जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, निश्चित तौर पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
---ब्रह्मपाल सिंह, सीओ बेहट
युवकों को टॉर्चर नहीं किया गया है। गोली चलने की झूठी सूचना दी गई थी, जिस पर पुलिस गांव में पहुंची थी और चारों युवकों को हिरासत में लिया गया था। उनसे पूछताछ करने के बाद उनका शांति भंग में चालान किया गया है। थर्ड डिग्री जैसे आरोप बेबुनियाद और निराधार है।
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-- योगेश शर्मा, थाना प्रभारी मिर्जापुर
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